Friday, June 5, 2026
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पीएम मोदी के रिकॉर्ड कार्यकाल पर शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने दी बधाई, कहा- उनका लक्ष्य देशहित सर्वोपरि रहा

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मुंबई, 5 जून (आईएएनएस)। पीएम मोदी 10 जून को देश के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू के सबसे लंबे निर्वाचित कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने जा रहे हैं। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए उनके नेतृत्व, समर्पण और देशहित में किए गए कार्यों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व और खुशी का विषय है कि पीएम नरेंद्र मोदी जैसा व्यक्तित्व देश का नेतृत्व कर रहा है।

मनीषा कायंदे ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में हमेशा राष्ट्रसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कभी व्यक्तिगत हितों के बारे में नहीं सोचा, बल्कि उनका पूरा ध्यान देश और जनता की सेवा पर केंद्रित रहा।

कायंदे ने कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा है और इस बात पर उन्हें गर्व है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का देश के प्रति समर्पण, जनता के साथ सीधा संवाद और समस्याओं के समाधान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ही उनकी लोकप्रियता का मुख्य कारण है।

शिवसेना नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में ऐसे कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं, जिन्होंने देशवासियों को गौरवान्वित किया है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने जैसे फैसलों को उन्होंने मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धियों में शामिल बताया।

कायंदे ने कहा कि ये ऐसे मुद्दे थे जिनकी लंबे समय से चर्चा होती रही थी और इन निर्णयों ने करोड़ों लोगों की भावनाओं को सम्मान दिया। उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की भी यही इच्छा थी कि ऐसे मुद्दों का समाधान हो।

तेलंगाना में कांग्रेस के विश्‍वासघात से नाराज डीएमके इंडिया गठबंधन की बैठक से दूर रहेगी। इंडिया गठबंधन की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए मनीषा कायंदे ने कहा कि विपक्षी गठबंधन का एजेंडा लगातार बदलता रहता है। उन्‍होंने कहा कि इंडिया गठबंधन की राजनीति स्वार्थ आधारित प्रतीत होती है, जिसके कारण उसके सहयोगी दलों के बीच समय-समय पर मतभेद सामने आते रहते हैं।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा भारत-रूस संबंधों की सराहना किए जाने और पश्चिमी दबावों को विफल बताने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कायंदे ने कहा कि भारत और रूस के संबंध दशकों पुराने और बेहद मजबूत हैं।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मित्रता, विश्वास और सहयोग की लंबी परंपरा रही है, जो भविष्य में भी कायम रहेगी। उनके अनुसार, भारत और रूस के मजबूत संबंध दोनों देशों के हित में हैं, और इससे आर्थिक, रणनीतिक तथा वैश्विक स्तर पर सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।