पीएम मोदी की इटली यात्रा पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आई सामने, कूटनीतिक प्रगति और आर्थिक लाभ की उम्मीद जगी

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नई दिल्ली, 20 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा पर बुधवार को पूरे राजनीतिक जगत के नेताओं की प्रतिक्रियाएं आईं। नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, वैश्विक संघर्षों को सुलझाने और भारत के आर्थिक हितों पर ध्यान केंद्रित करने के महत्व पर जोर दिया।

आईएएनएस से ​​बात करते हुए, बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि भारत और इटली के लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक मूल्य समान हैं, जिससे वैश्विक अस्थिरता के इस दौर में यह यात्रा और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

पात्रा ने कहा कि इटली में पीएम मोदी और पीएम मेलोनी ने एक संयुक्त बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि भारत और इटली दोनों के मूल्य समान हैं। मुझे लगता है कि इस मोड़ पर भारत और इटली के लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है, खासकर तब जब पश्चिम एशिया में वैश्विक संघर्ष चल रहा है। ऐसे समय में दोनों देशों का एक साथ आना और सहयोग के साझा आधार खोजना बेहद जरूरी है।

उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों में लोकतंत्र, संस्कृति और कूटनीतिक दृष्टिकोण में समानताएं हैं, और उन्होंने उम्मीद जताई कि यह यात्रा वैश्विक स्तर पर दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगी।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा पर कहा कि ध्यान कूटनीतिक बातचीत के नतीजों पर होना चाहिए।

उन्होंने ​कहा कि जब प्रधानमंत्री विदेश यात्रा पर हों, तब उन पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। घरेलू राजनीतिक बहसें अपनी जगह चलती रहती हैं। मुख्य ध्यान इस यात्रा के नतीजों पर होना चाहिए, और इस बात पर कि क्या द्विपक्षीय मुद्दों के साथ-साथ मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संकटों पर भी दोनों देशों के बीच कोई साझा सहमति बन पाई है।

शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि लोगों को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री देश के लिए कुछ सकारात्मक उपलब्धियां लेकर लौटेंगे, खासकर ईंधन की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों के संबंध में। हमें लगता है कि वह वहां से कुछ नई योजनाएं और कुछ अच्छी खबरें लेकर आएंगे। हमें उम्मीद है कि वह पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों से जुड़े मौजूदा मुद्दों का हल ढूंढ़कर लौटेंगे। वह इस बात पर भी चर्चा करेंगे कि ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे टकराव को कैसे रोका जा सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री चाहे विदेश यात्रा पर हों या देश में ही रहें, उनकी प्राथमिकता हमेशा भारत की आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय विकास ही होनी चाहिए।