नई दिल्ली, 5 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने 8 जून को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की बैठक, डिलिमिटेशन मुद्दा, एनटीए विवाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी पर अपनी राय रखी। इस दौरान वेनेजुएला डील पर तंज करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि वेनेजुएला डील पर पीएम मोदी ने ट्रंप का पूरा गेम प्लान स्वीकार कर लिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा किए जाने और उन्हें अपना अच्छा मित्र बताए जाने पर भी प्रमोद तिवारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिल्कुल ठीक कहा है, उनका जो पूरा का पूरा गेम प्लान था, उसको पीएम मोदी ने स्वीकृति दे दी।
उन्होंने कहा कि वेनेजुएला की राष्ट्राध्यक्ष आई हुई हैं। वहां के निर्वाचित राष्ट्राध्यक्ष अमेरिका की कैद में हैं। वे ट्रंप की कैद में हैं और वेनेजुएला की राष्ट्राध्यक्ष आकर पीएम मोदी के साथ ईंधन पर करार कर रही हैं। वहां से तेल आने में कई दिन लगेंगे। डॉलर में पेमेंट होगा या रुपये में पेमेंट होगा, कीमत क्या होगी, यह अभी तय होना बाकी है। ट्रंप जरूर खुश होंगे कि दोनों के बीच कल बैठक हुई और बड़ी अच्छी बैठक हुई। मुझे पूरा भरोसा है ट्रंप की खुशी इसी बात को लेकर होगी।
वहीं, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर पत्र लिखकर व्हाइट पेपर की मांग किए जाने पर प्रमोद तिवारी ने उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर गठित समिति और उसके सदस्यों ने गंभीरता के साथ पूरे मामले का अध्ययन किया है। मैं दिग्विजय सिंह और समिति के सभी सदस्यों की सराहना करता हूं। उन्होंने जिस गंभीरता से नीट और एनटीए से जुड़े मुद्दों को समझा और सरकार को कटघरे में खड़ा किया है, वह महत्वपूर्ण है। मैं सरकार से व्हाइट पेपर जारी करने की मांग का स्वागत करता हूं।
8 जून को होने वाली इंडिया ब्लॉक की बैठक में डीएमके के शामिल नहीं होने की खबरों पर प्रमोद तिवारी ने कहा कि डीएमके को शुरुआत से ही डिलिमिटेशन के मुद्दे पर स्पष्ट आपत्ति रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी का मानना है कि भाजपा सरकार के प्रस्तावों से दक्षिण भारतीय राज्यों के हित प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि बैठक में कौन शामिल होगा और कौन नहीं, इस पर अभी से अटकलें लगाने की आवश्यकता नहीं है। 8 जून आने दीजिए, उस दिन एजेंडा भी स्पष्ट हो जाएगा और यह भी पता चल जाएगा कि बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ। अभी से कयास लगाने की जरूरत नहीं है।
केंद्र सरकार द्वारा डिलिमिटेशन को लेकर डीएमके और टीएमसी के सांसदों से अलग-अलग बातचीत किए जाने की खबरों पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि दोनों दलों की विचारधारा शुरू से यही रही है कि भाजपा डिलिमिटेशन के जरिए विपक्षी दलों और विशेष रूप से कुछ राज्यों की राजनीतिक ताकत को कमजोर करना चाहती है। उन्होंने आगे कहा कि चाहे टीएमसी हो या डीएमके, मुझे नहीं लगता कि वे डिलिमिटेशन के मुद्दे पर सरकार का साथ देंगे।

