केंद्र सरकार की योजना ने बदली शेखपुरा के गिरधारी की तकदीर, व्यापार में बनाई खुद की पहचान

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शेखपुरा, 17 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) ग्रामीण और छोटे उद्यमियों की तकदीर बदल रही है। इस योजना का सफल उदाहरण बने हैं शेखपुरा जिले के गिरधारी कुमार, जिन्होंने अपनी मेहनत और सरकारी सहयोग से ‘महाकाल मसाला ट्रेडर्स’ नाम से एक सफल ब्रांड खड़ा कर लिया है।

गिरधारी कुमार ने आईएएनएस से बातचीत में बताया, “पहले मेरा व्यवसाय बहुत सीमित स्तर पर था। पीएमएफएमई योजना से जुड़ने के बाद मुझे आर्थिक सहयोग, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिला। इसके बाद मैंने अपने कारोबार को विस्तार दिया और आज ‘महाकाल मसाला ट्रेडर्स’ के नाम से मेरी पहचान शेखपुरा जिले के साथ-साथ आसपास के कई जिलों और शहरों तक बन गई है।”

गिरधारी कुमार के अनुसार, उनके मसालों की सबसे बड़ी खासियत शुद्धता और गुणवत्ता है। उन्होंने कहा, “हम बिल्कुल शुद्ध और ताजे मसाले तैयार करते हैं। यही वजह है कि ग्राहक हमारे उत्पादों पर भरोसा करते हैं और मांग लगातार बढ़ रही है।”

वर्तमान में वे शेखपुरा के अलावा पटना, नवादा, लखीसराय, बेगूसराय समेत कई जिलों में अपने मसालों की सप्लाई कर रहे हैं। योजना का लाभ मिलने के बाद गिरधारी कुमार की आय में वृद्धि हुई है।

उन्होंने बताया कि पहले जहां उनका कारोबार सीमित था, वहीं अब वे न सिर्फ खुद आत्मनिर्भर बने हैं बल्कि कई अन्य लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। उनके छोटे कारखाने में स्थानीय युवाओं और महिलाओं को काम मिला है, जिससे कई परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई पीएमएफएमई योजना का मुख्य लक्ष्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को औपचारिक रूप देना, उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना और आधुनिक तकनीक व प्रशिक्षण प्रदान करना है। इस योजना के तहत उद्यमियों को 35 प्रतिशत सब्सिडी, ऋण सुविधा और बाजार लिंकेज का लाभ मिलता है।

गिरधारी कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी का विशेष आभार जताते हुए कहा, “पीएमएफएमई योजना उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है जो छोटे स्तर से बड़ा सपना देखते हैं। इस योजना ने मुझे आत्मनिर्भर बनाया और आगे बढ़ने का हौसला दिया।”

शेखपुरा जिले में पीएमएफएमई योजना के तहत कई अन्य लाभार्थी भी सफलता की कहानी लिख रहे हैं। जिला प्रशासन और बिहार सरकार के प्रयासों से छोटे उद्यमी अब आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में अपना योगदान दे रहे हैं।