गांधीनगर, 3 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जून को गुजरात की यात्रा पर आ रहे हैं। इस दौरान वे सूरत से भारत सरकार एवं गुजरात सरकार के कुल मिलाकर 18,777 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण तथा शिलान्यास करेंगे।
दक्षिण गुजरात अंचल के विकास को वेग देने वाले इन विकास कार्यों में गुजरात औद्योगिक विकास निगम (जीआईडीसी) के अंतर्गत 1063.43 करोड़ रुपए की लागत से 8 प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण शामिल है। इसके तहत भरूच को 894 करोड़ रुपए से अधिक के तथा वलसाड को 169.3 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स की भेंट मिलने जा रही है। इन प्रोजेक्ट्स से दक्षिण गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों में इन्फ्रास्ट्रक्चर, प्रदूषित जल निस्तारण तथा ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
भारत के औद्योगिक विकास में गुजरात हमेशा शीर्ष पर रहा है, जिसमें भरूच जिला केमिकल एवं पेट्रोकेमिकल उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरकर आया है। भरूच की औद्योगिक क्षमता को अधिक सशक्त बनाने के प्रयासों के हिस्से के रूप में प्रधानमंत्री 894 करोड़ रुपए से अधिक के 6 जीआईडीसी प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण करेंगे। दहेज पीसीपीआईआर औद्योगिक क्लस्टर में सायखा पंपिंग स्टेशन से दहेज के लैंडफॉल पॉइंट तक 90 एमएलएडी क्षमता की ऑफशोर व ऑनशोर एफ्लुएंट निस्तारण पाइपलाइन का निर्माण किया गया है। इसमें 5 वर्ष के ऑपरेशन तथा मैंटेनेंस (ओ एंड एम) के साथ सिविल स्ट्रक्चर्स, इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कम्पोनेंट्स और पीएलसी स्काडा सिस्टम्स का डिजाइन, इरेक्शन, टेस्टिंग तथा कमीशनिंग शामिल हैं। 474.61 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट से दहेज तथा सायखा औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषित पानी के निस्तारण एवं प्रबंधन को और मजबूती मिलेगी।
बता दें कि दहेज पीसीपीआईआर क्षेत्र में मुख्यतः रासायनिक, टेक्सटाइल, फार्मा, डाइज एवं इंटरमीडिएट, इंजीनियरिंग उद्योगों के विकास के लिए ढांचागत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। हाल में इस क्षेत्र में 1,000 से अधिक औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं।
इसके अलावा, भरूच जिले के जंबूसर स्थित बल्क ड्रग पार्क में फार्मास्युकिल उद्योगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर रोड, स्टॉर्म वाटर ड्रैनज नेटवर्क तथा सेंट्रल ड्रेन जैसी महत्वपूर्ण अंतर ढांचागत सुविधाएं विकसित की गई हैं। 274.96 करोड़ रुपए के खर्च से शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट से बल्क ड्रग पार्क के ढांचागत विकास को वेग मिलेगा।
प्रधानमंत्री दहेज-2 औद्योगिक बस्ती (क्षेत्र/परिसंपदा) के लिए 30 एमएलडी ड्रैनेज पंपिंग स्टेशन का भी लोकार्पण करेंगे। उल्लेखनीय है कि दहेज-2 औद्योगिक बस्ती में सुवा पंपिंग स्टेशन से अंतिम पंपिंग स्टेशन जेड-93 तक राइजिंग मेन के साथ 30 एमएलडी क्षमता के ड्रैनेज पंपिंग स्टेशन का निर्माण किया गया है। इस प्रोजेक्ट से औद्योगिक ड्रैनेज प्रबंधन अधिक कार्यक्षम बनेगा तथा एकीकृत एफ्लुएंट वहन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।
इसके अलावा, पानोली विस्तार औद्योगिक क्षेत्र में फ्लेक्सिबल रोड पेवमेंट, क्रॉस ड्रैनेज वर्क, जलापूर्ति नेटवर्क, कम्पाउंड वॉल, पेवर ब्लॉक, वृक्षारोपण और स्ट्रीट लाइट सहित विभिन्न ढाँचागत सुविधाओं का विकास किया गया है। इन विकास कार्यों से इस औद्योगिक क्षेत्र में अधिक अच्छी ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
अन्य प्रोजेक्ट्स में अंकलेश्वर में एफ्लुएंट ट्रांसमिशन पाइपलाइन पर इंटरमीडिएट बूस्टर पंपिंग स्टेशन का निर्माण किया गया है। इस प्रोजेक्ट से प्रदूषित जल का कार्यक्षम वहन तो होगा ही, साथ ही पर्यावरणीय मानदंडों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।
इसी प्रकार, दहेज-1 औद्योगिक बस्ती की वर्षा जल वहन क्षमता सुधारने, जल भराव के जोखिम कम करने तथा क्षेत्र के समग्र वर्षा जल की निकासी की व्यवस्था के ढाँचे को मजबूत करने के लिए नेचुरल ड्रेन-2 का अपग्रेडेशन किया गया है।
वलसाड जिले के सरीगाम में प्रधानमंत्री जीआईडीसी के दो महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण करेंगे। इसके तहत, सरीगाम स्थित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) की क्षमता 15 एमएलडी से बढ़ाकर 25 एमएलडी की गई है। इससे प्रदूषित जल के शुद्धिकरण की क्षमता में वृद्धि होगी और पर्यावरणीय मानदंडों का प्रभावी पालन सुनिश्चित होगा। इस प्रोजेक्ट में डिजाइन, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कन्स्ट्रक्शन, कमीशनिंग, टेस्टिंग, ट्रायल रन तथा ऑपरेशन मैंटेनेंस और रिपेयरिंग कार्य शामिल हैं।
इसके अलावा, सरीगाम औद्योगिक बस्ती (क्षेत्र) में संप तथा पंपिंग स्टेशन के साथ एचडीपीई ऑनशोर व ऑफशोर आउटफॉल पाइपलाइन का निर्माण किया गया है। इस प्रोजेक्ट अंतर्गत पंपिंग स्टेशन से लैंडफॉल चैम्बर तथा गहरे समुद्र में निस्तारण के स्थल तक एचडीपीई ऑनशोर व ऑफशोर पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया गया है।

