बेंगलुरु, 10 मई (आईएएनएस)। श्री श्री रविशंकर द्वारा स्थापित ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ संस्था का 45वां वर्षगांठ समारोह रविवार को बेंगलुरु में मनाया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। श्री श्री रविशंकर ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया और उन्हें देश का अमूल्य और श्रेष्ठ पुत्र बताया।
श्री श्री रविशंकर ने पीएम के लिए अपने संबोधन में कहा, “आप भारत माता के अमूल्य और श्रेष्ठ पुत्र हैं और हम सभी के आत्मीय और सम्मानित हैं। आपने जीवन के हर पहलुओं को प्रभावित किया है। दुनिया में भारत के वसुधैव कुटुंबकम के भाव को आपने और मजबूती से प्रचारित किया है और देश को श्रेष्ठता के अलग स्तर पर ले गए हैं, जिसका हमें गर्व है।”
उन्होंने कहा, “गंदगी, गरीबी और अव्यवस्था से लोगों को उठाकर आपने देश को एक नई पहचान दी है। आपने सत्ता में आते ही स्वच्छ भारत अभियान चलाया था। इस अभियान ने देश को सुंदर बनाया है।”
रविशंकर ने कहा, “देश में अब असुरक्षा का भाव नहीं है। आपने देश को हिंसा से मुक्त कर एक नई ऊर्जा का संचार किया है। हम लंबे समय से विदेश यात्रा करते रहे हैं। पहले लोगों को लगता था कि हिंदुस्तान कभी भी आज के स्वरूप वाला नहीं हो सकता। उन धारणाओं को आपने गलत साबित कर दिया। पिछले 10 साल में आपने भारत को मांगने वाले देश से देने वाला देश बना दिया है। आपने आर्थिक रूप से विषम परिस्थिति में भी देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला है।”
उन्होंने कहा, “अयोध्या में अब टेंट की जगह भव्य मंदिर में भगवान राम का निवास है। यह आपके कार्यकाल में संभव हुआ है। मंदिर में श्रीराम की शिल्प और शिला दोनों कर्नाटक से ले जाया गया है। कर्नाटक हनुमान जी की धरती है।”
श्री श्री ने कहा, “कर्नाटक में शादी से पहले वर वधु का काशी जाने का रिवाज है। हालांकि वधु के माता पिता उसे काशी जाने से रोकते हैं, लेकिन आपने काशी को जो भव्यता दी है उसके बाद में सभी को काशी जाने की सलाह दूंगा। शादी के बाद सभी काशी जाएं।”
प्रधानमंत्री के विकासपुरुष वाली छवि पर प्रकाश डालते हुए श्री श्री रविशंकर ने कहा, “नया साल पहले गुजरात में आता है। आपने पहले गुजरात को चमकाया अब पूरे देश को चमका रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “आपने योग को योग दिवस के माध्यम से पूरे विश्व में पहुंचाया। योग और आध्यात्म हमारी विरासत है। ठीक वैसे रही आयुर्वेद को भी एक अलग मंत्रालय बनाकर आपने बेहतर स्थिति में पहुंचाया है।”
रविशंकर ने कहा, “आपने कला और शिक्षा को प्रोत्साहित किया है। आपने उद्योग और संरचना के क्षेत्र में काम किया है। आपने समाज के हर तबके के लोगों के विकास के लिए काम किया है और देश को बेहतर बनाने के लिए हर जरूरी काम किया है। इसलिए भारत को आप पर गर्व है।”
उन्होंने कहा, “आप हमारे अपने हैं, इसलिए हम आपको धन्यवाद नहीं देंगे। अपनों को धन्यवाद देने से वे पराए हो जाते हैं। हमारे आर्ट ऑफ लिविंग संदेश भी, ‘मैं आपका हूं,’ है। आप अपनी ही जगह पर आए हैं। आप दीर्घायू हों और ऐसे ही देश का नेतृत्व करते रहें।”

