Friday, July 31, 2026
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प्रतापराव जाधव ने स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने और पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए बजट की सराहना की

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नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026 की सराहना करते हुए इसे दूरदर्शी, समावेशी और प्रगतिशील बजट बताया है, जो ‘सभी के लिए स्वास्थ्य’ और ‘विकसित भारत’ के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दृढ़ता से मजबूत करता है।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में केंद्रीय बजट में देश भर में प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों को मजबूत करने के उद्देश्य से बढ़ी हुई धनराशि और प्रगतिशील नीतिगत हस्तक्षेपों के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र को निर्णायक गति प्रदान की गई है।

प्रतापराव जाधव ने आयुष मंत्रालय के लिए 4,408 करोड़ रुपए के आवंटन का स्वागत करते हुए कहा कि बढ़ी हुई धनराशि से आयुष प्रणालियों का मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवा के साथ एकीकरण काफी तेजी से होगा, साक्ष्य-आधारित अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और देश भर में संस्थागत बुनियादी ढांचे और मानव संसाधन क्षमता को मजबूत किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा, “केंद्रीय बजट 2026 भारत को स्वास्थ्य और पारंपरिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के प्रति सरकार की गहरी और निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आयुष आधारित हस्तक्षेपों ने निवारक स्वास्थ्य देखभाल, सार्वजनिक स्वास्थ्य लचीलापन और सामुदायिक कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस बढ़ी हुई धनराशि से हम भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के लाभ प्रत्येक घर तक पहुंचा सकेंगे।”

मंत्री ने प्रमुख फोकस क्षेत्रों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का बजट आयुष शिक्षा और प्रशिक्षण के आधुनिकीकरण, राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आयुष स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों के विस्तार और सुदृढ़ीकरण, और अनुसंधान, मानकीकरण और गुणवत्ता आश्वासन पहलों को बढ़ाने में सहायता करेगा।

मंत्री ने उल्लेख किया कि बजट में आयुष क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा भी की गई है, जिनमें शिक्षा, नैदानिक ​​सेवाओं और अनुसंधान को मजबूत करने के लिए आयुर्वेद के तीन नए अखिल भारतीय संस्थानों (एआईआईए) की स्थापना, गुणवत्ता, मानकीकरण और कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आयुष फार्मेसियों और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं का उन्नयन, जामनगर स्थित डब्ल्यूएचओ ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर का उन्नयन, पारंपरिक चिकित्सा में साक्ष्य-आधारित अनुसंधान और वैश्विक स्तर पर पहुंच को बढ़ावा देना शामिल है।

उन्होंने आगे कहा कि यह बजट आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा और होम्योपैथी में वैश्विक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय पहुंच को बढ़ावा देगा, जिससे वैश्विक स्तर पर पारंपरिक चिकित्सा में भारत का नेतृत्व मजबूत होगा। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि समग्र स्वास्थ्य पर सरकार का जोर भारत के सभ्यतागत लोकाचार ‘स्वस्थ भारत, संपन्न भारत’ के अनुरूप है, जो यह सुनिश्चित करता है कि प्राचीन ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक प्रगति एक साथ आगे बढ़ें ताकि एक स्वस्थ, अधिक लचीला और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण हो सके।