Thursday, August 13, 2026
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प्रवीण आमरे: डेब्यू मैच में शतक, लेकिन भारत के लिए नहीं मिले पर्याप्त मौके, खिलाड़ी से ज्यादा बतौर कोच कमाया नाम

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नई दिल्ली, 13 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के पूर्व बल्लेबाज प्रवीण आमरे ने खिलाड़ी से ज्यादा बतौर कोच नाम कमाया। उन्होंने अपने डेब्यू मुकाबले में ही साउथ अफ्रीका जैसे मजबूत गेंदबाजी अटैक के खिलाफ शतक लगाया। हालांकि, अच्छे प्रदर्शन के बावजूद उन्हें इंटरनेशनल स्तर पर अपनी काबिलियत दिखाने के पर्याप्त मौके नहीं मिले।

प्रवीण आमरे का जन्म 14 अगस्त, 1968 को मुंबई में हुआ। प्रवीण एक साधारण परिवार से आते थे, तो शुरुआत में आर्थिक तंगी के चलते उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। प्रवीण ने क्रिकेट की बारीकियां सचिन तेंदुलकर को कोचिंग देने वाले कोच रमाकांत आरेकर की देखरेख में सीखी। घरेलू क्रिकेट में मुंबई का प्रतिनिधत्व करने के अलावा वह रेलवे, राजस्थान, बंगाल और गोवा की तरफ से भी खेले। 86 फर्स्ट क्लास मुकाबलों में प्रवीण ने 48 की औसत से खेलते हुए 5,815 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 17 शतक और 25 अर्धशतक निकले।

घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के चलते उन्हें 1991 में पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली। प्रवीण अपने डेब्यू मुकाबले में ही छाप छोड़ने में सफल रहे और उन्होंने 74 गेंदों में 55 रनों की दमदार पारी खेलते हुए भारतीय टीम को रोमांचक मैच में 3 विकेट से जीत दिलाई। टेस्ट क्रिकेट में भी प्रवीण का डेब्यू यादगार रहा और उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ ही खेलते हुए 103 रनों की बेहतरीन पारी खेली। हालांकि, इस टेस्ट मैच का अंत ड्रॉ के रूप में हुआ।

प्रवीण ने भारत के लिए कुल 11 टेस्ट मैच खेले और इस दौरान उनके बल्ले से 42 की औसत से 425 रन आए। उन्होंने एक शतक और 3 अर्धशतक लगाए। वनडे क्रिकेट में उन्होंने कुल 37 मैच खेले और 513 रन बनाए। हालांकि, प्रवीण को टेस्ट में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद पर्याप्त मौके नहीं मिले और उन्होंने भारतीय जर्सी में अपना आखिरी मुकाबला 1994 में खेला।

हालांकि, बतौर कोच प्रवीण का करियर शानदार रहा। उन्होंने अपनी अगुवाई में भारत को साल 2012 में अंडर 19 विश्व कप का खिताब दिलाया। इसके अलावा, प्रवीण की कोचिंग में मुंबई ने घरेलू क्रिकेट में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। मुंबई उनकी देखरेख में तीन बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता। अजिंक्य रहाणे, श्रेयस अय्यर और अभिषेक नायर समेत कई बेहतरीन खिलाड़ियों को इंटरनेशनल स्टेज के लिए तैयार करने में प्रवीण आमरे की भूमिका काफी अहम रही।