चंडीगढ़, 7 मई (आईएएनएस)। पहलगाम में आतंकियों द्वारा की गई क्रूर घटना के जवाब में भारतीय सेना ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था। इसके एक साल पूरे होने पर पंजाब के पूर्व डीजीपी एसएस विर्क ने कहा कि यह एक सफल ऑपरेशन था। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर इस अभियान को अंजाम दिया था।
आईएएनएस से बातचीत में एसएस विर्क ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने आतंकी घटनाओं को अंजाम देने वाले समूहों को भारी नुकसान पहुंचाया था। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए हमें न सिर्फ उस नरसंहार को याद रखना होगा, बल्कि ऑपरेशन सिंदूर को भी याद रखना होगा। हमें अपने नागरिकों को भी इसके बारे में जागरूक करना होगा ताकि लोग सतर्क रहें।
एसएस विर्क ने कहा कि जालंधर और अमृतसर में हुए विस्फोट गंभीर चिंता का विषय हैं। पंजाब त्रासदी और हिंसा के दौर से निकल चुका है। इसमें बहुत से नागरिक, पुलिसकर्मी और उग्रवादी मारे गए थे। उस समय अस्थिरता फैलाने वाले कुछ तत्व आज भी जिंदा हैं और वे फिर से हिंसा शुरू करने की कोशिश करते रहते हैं। देश विरोधी ताकतें इसी फिराक में रहती हैं। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को सावधान और सतर्क रहने की सलाह दी।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब पुलिस इस तरह के हालात का सामना करने में सक्षम है, बस उसे सक्रिय करने की जरूरत है। मुझे लगता है कि जमीनी स्तर से जो सूचनाएं आनी चाहिए, उसमें कहीं न कहीं दिक्कत हो रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब में पहले जब इस तरह की गतिविधियां होती थीं, तब पाकिस्तान और आईएसआई का हाथ होता था, लेकिन बाद में इसे दबा दिया गया। विस्फोट के बाद डीजीपी ने भी कहा है कि इसके पीछे पाकिस्तान और आईएसआई का हाथ है। मुझे उनका बयान सही लगता है। मुझे लगता है कि जो लोग पहले अस्थिरता फैला रहे थे, उन्हीं के कुछ तत्व फिर से ऐसी घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं।
पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा विस्फोट का आरोप भाजपा पर लगाए जाने पर उन्होंने कहा कि वह इस मामले का राजनीतिकरण कर रहे हैं और इससे बच निकलने की कोशिश कर रहे हैं। इस तरह के मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

