पटियाला, 30 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब में धान की पराली जलाने की घटनाओं को लेकर 29 सितंबर तक राज्यभर में कुल 52 आग की घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार इनमें से 42 खेतों का निरीक्षण किया गया, जबकि 16 स्थानों पर फसल जलाने के निशान की भौतिक रूप से पुष्टि हुई है।
जिलेवार आंकड़ों के मुताबिक, अमृतसर में सबसे अधिक 30 आग की घटनाएं रिपोर्ट हुईं। इनमें 20 खेतों का निरीक्षण किया गया और 4 स्थानों पर फसल जलाने के निशान की पुष्टि हुई। अमृतसर में एक मामले में 5,000 रुपए का पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया और पूरी राशि वसूल की गई।
तरनतारन में 8, फिरोजपुर में 5, गुरदासपुर में 3 और मोगा में 2 मामले रिपोर्ट हुए। फाजिल्का, होशियारपुर, एसबीएस नगर और पटियाला में एक-एक आग की घटना दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार, कुल 11 मामलों में पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया, जिसकी कुल राशि 55,000 रुपए है। इसमें से 25,000 रुपए की वसूली की जा चुकी है।
तरनतारन में 8 घटनाओं में से 8 खेतों का निरीक्षण किया गया और 5 स्थानों पर फसल जलाने के निशान की पुष्टि हुई। यहां 4 मामलों में कुल 20,000 रुपये का पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया और 10,000 रुपए की वसूली हुई। इसके अलावा खेत रिकॉर्ड में 5 रेड एंट्री दर्ज की गईं।
फिरोजपुर में 5 घटनाओं की रिपोर्ट के बाद सभी 5 खेतों का निरीक्षण किया गया और 5 स्थानों पर फसल जलाने के निशान मिले। 4 मामलों में 20,000 रुपये का पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया, जिसमें से 5,000 रुपए की वसूली हुई। खेत रिकॉर्ड में 4 रेड एंट्री भी दर्ज की गईं।
पटियाला में एक आग की घटना रिपोर्ट हुई। खेत का निरीक्षण करने पर फसल जलाने के निशान की पुष्टि हुई और एक मामले में 5,000 रुपए का पर्यावरणीय मुआवजा लगाया गया। सरकारी आंकड़ों में इस मामले को एफआईआर से भी जोड़ा गया है।
कुल आंकड़ों के अनुसार, एक एफआईआर दर्ज, खेत रिकॉर्ड में 9 रेड एंट्री और 4 चेतावनी नोटिस/शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं नोडल/सुपरवाइजरी अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट या निलंबन की कार्रवाई का आंकड़ा शून्य है।
