लखनऊ, 27 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के 30वें दीक्षांत समारोह में 75,800 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं। समारोह में 83 मेधावी विद्यार्थियों को 84 पदक और 339 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई।
राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षा में बेटियों की बढ़ती भागीदारी विकसित भारत की मजबूत नींव है और विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों को स्टार्टअप, अनुसंधान तथा नई तकनीकों से जोड़ना चाहिए। दीक्षांत समारोह में 27,718 छात्रों और 48,082 छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं। 84 पदकों में 52 छात्राओं और 31 छात्रों को सम्मानित किया गया, जबकि 339 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। इनमें 119 महिला और 220 पुरुष शोधार्थी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि छात्राओं की बढ़ती भागीदारी और उत्कृष्ट प्रदर्शन समाज में आए सकारात्मक बदलाव का संकेत है। उन्होंने छात्रों से भी अधिक मेहनत कर शिक्षा और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है और चरित्र निर्माण को शिक्षा का मूल उद्देश्य बनाया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए कि जिन महान विभूतियों के नाम पर उनका नामकरण हुआ है, उनके जीवन और विचारों पर अध्ययन, लेखन और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को जन भवन में सम्मानित किया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों को स्टार्टअप, अनुसंधान, नवाचार और उभरती तकनीकों से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करने चाहिए। उन्होंने हाल में निजी क्षेत्र के रॉकेट ‘विक्रम-1’ के सफल प्रक्षेपण और भारत में विकसित हो रही स्टार्टअप संस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का युवा अब केवल रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बन रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के केंद्रीय शिक्षा बजट में लगभग 1.39 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विश्वविद्यालय यह सुनिश्चित करें कि केंद्र और राज्य सरकार की सभी शैक्षिक योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक पहुंचे।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर और छात्रावासों को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने, विद्यार्थियों को शुद्ध एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने तथा छात्रावासों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि भोजन की गुणवत्ता, इंटरनेट, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की नियमित निगरानी की जानी चाहिए। समारोह के दौरान जौनपुर और गाजीपुर के 500 आंगनबाड़ी केंद्रों को किट वितरित की गई।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 68,843 आंगनबाड़ी किट वितरित की जा चुकी हैं। इसके अलावा दोनों जिलों में 600 बेटियों का एचपीवी टीकाकरण भी कराया गया। उन्होंने बताया कि जनभागीदारी के माध्यम से प्रदेश में अब तक 2,25,947 बेटियों का एचपीवी टीकाकरण हो चुका है और सभी पात्र बालिकाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘गतिमान’ का लोकार्पण किया गया। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के इंडोर स्टेडियम तथा महिला छात्रावास में निर्मित ‘आनंदी वाटिका’ का उद्घाटन किया, छह पुस्तकों का विमोचन किया तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया।

