नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। प्याज की बढ़ती कीमतों से उपभोक्ताओं को राहत देने और प्रमुख खपत केंद्रों में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’ गुरुवार को नासिक से नई दिल्ली के लिए रवाना हुई। इस पहल का उद्देश्य दिल्ली समेत प्रमुख बाजारों में प्याज की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना और कीमतों पर बढ़ रहे दबाव को कम करना है।
सरकारी व्यवस्था के तहत उपलब्ध कराए जाने वाले प्याज को नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (एनसीसीएफ), नैफेड, केंद्रीय भंडार और अन्य रिटेल आउटलेट्स के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा। इन माध्यमों से प्याज 35 रुपये प्रति किलो की दर से बेचने की योजना है।
सरकार का मानना है कि रियायती दर पर प्याज की बिक्री और अतिरिक्त आपूर्ति बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने में मदद करेगी।
पूर्वी दिल्ली स्थित गाजीपुर सब्जी मंडी में प्याज कारोबारियों के बीच भी इस पहल को लेकर उम्मीद दिखाई दे रही है। मंडी के व्यापारी राजकुमार लूथरा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि नासिक से आने वाला प्याज अभी तक मंडी में नहीं पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि प्याज की खेप गुरुवार शाम तक या शुक्रवार सुबह तक पहुंच सकती है। नासिक से आने वाले प्याज को आदर्श नगर सब्जी मंडी में उतारा जाएगा और इसके बाद नीलामी के माध्यम से इसकी बिक्री की जाएगी।
लूथरा ने बताया कि फिलहाल गाजीपुर मंडी में प्याज की कीमत करीब 40 से 45 रुपये प्रति किलो चल रही है। ऐसे में यदि नासिक से अतिरिक्त प्याज की खेप बाजार में पहुंचती है, तो आपूर्ति बढ़ने से कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।
उन्होंने कहा कि इससे कारोबारियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है। पर्याप्त मात्रा में प्याज बाजार में आने पर खुदरा कीमतों में भी नरमी देखने को मिल सकती है।
प्याज भारतीय रसोई की रोजमर्रा की प्रमुख सब्जियों में शामिल है और इसकी कीमतों में वृद्धि का असर व्यापक स्तर पर महसूस किया जाता है।
