नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
उन्होंने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि राहुल गांधी के बयान में कोई तथ्य नहीं है और देश की जनता यह अच्छी तरह जानती है कि वह अक्सर बेबुनियाद बातें करते हैं। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी और उनकी पार्टी के राजनीतिक प्रभाव को समाप्त कर दिया था। नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद से हटाना बच्चों का खेल नहीं है, क्योंकि एनडीए सरकार पूर्ण बहुमत में है। राहुल गांधी का यह कहना कि एक साल के भीतर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे, पूरी तरह हास्यास्पद बयान है।
रामदास आठवले ने कहा कि वह राहुल गांधी को इस बात के लिए बधाई देना चाहते हैं कि वह लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में अच्छा काम कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राहुल गांधी को विपक्ष के नेता की भूमिका में ही रहना चाहिए और देश के प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ही उपयुक्त हैं।
आठवले ने कहा कि राहुल गांधी में इतनी राजनीतिक ताकत नहीं है कि वह नरेंद्र मोदी को सत्ता से बाहर कर सकें। पीएम मोदी और राहुल गांधी की तुलना नहीं की जा सकती। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई नेता प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन देश की जनता जानती है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश लगातार विकास की ओर बढ़ रहा है।
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह आने वाले समय में राजनीतिक नेपथ्य में जाती दिखाई दे रही हैं और राजनीतिक शून्यता की ओर बढ़ रही हैं। फाल्टा क्षेत्र में जहां ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को प्रचार करना चाहिए था, वहां दोनों बुआ-भतीजे एक दिन भी प्रचार के लिए नहीं पहुंचे।
अजय आलोक ने दावा किया कि वहां के उम्मीदवार जहांगीर खान ने भी अपना नाम वापस ले लिया, जो पार्टी की कमजोर स्थिति को दर्शाता है।
इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर उब्दुल्ला के खिलाफ भाजपा के गायब होने वाले पोस्टर अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय आलोक ने कहा कि यदि कोई मुख्यमंत्री लगातार गायब रहेगा और कभी लंदन तो कभी अमेरिका जाता रहेगा, तो प्रदेश का प्रशासन कैसे चलेगा। उन्होंने कहा कि किसी राज्य का मुख्यमंत्री जनता के बीच मौजूद न रहे, इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता।

