नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने मंगलवार को ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा पर तीखा हमला बोला। यह हमला ‘ब्राह्मणवादी व्यवस्था’ और धार्मिक संस्थानों पर उनकी टिप्पणियों को लेकर किया गया।
भाजपा ने उन पर ‘हिंदू नफरत’ दिखाने का आरोप लगाया और उनका एक पुराना बयान साझा किया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि मंदिरों के अंदर पुजारी रेप करते हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इन टिप्पणियों को लेकर नेहा बोरा पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उनके विचार लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से प्रभावित हैं।
प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नेहा बोरा की विवादित टिप्पणियों को साझा किया और मंदिरों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राहुल गांधी के एक पुराने बयान से उनकी तुलना की।
भंडारी ने अपनी पोस्ट में कहा, “राहुल गांधी की ‘पोस्टर गर्ल’ नेहा बोरा अपनी हिंदू नफरत दिखा रही हैं। वह कहती हैं, ‘मंदिरों में पुजारी रेप करते हैं।’ नेहा बोरा राहुल गांधी से प्रेरित हैं, जिन्होंने पहले कहा था कि ‘मंदिरों में लड़कियों के साथ छेड़छाड़ होती है।’ कांग्रेस को हिंदुओं से नफरत है, उसे सिर्फ वोट बैंक से प्यार है। ‘कांग्रेस सोच’ भारत की एकता के लिए खतरा है।”
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब नेहा बोरा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन करते हुए विवादित टिप्पणियां कीं। यह प्रस्ताव और चुनाव आयोग की आलोचना, मतदाता सूची में संशोधन को लेकर चल रही राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं।
इससे पहले नेहा बोरा ने अधिकारियों पर मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के दौरान जानबूझकर मतदाताओं के नाम हटाने और नियमों के उल्लंघन करने के आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद बोरा ने जाति-आधारित भेदभाव और धार्मिक संस्थानों की भूमिका की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने तर्क दिया कि महिलाओं और अन्य कमजोर वर्गों को उस व्यवस्था से सुरक्षा की आवश्यकता है, जिसे उन्होंने ‘ब्राह्मणवादी व्यवस्था’ कहा।
नेहा बोरा ने कहा, “सुरक्षा बहुत जरूरी है और यह सुरक्षा खास तौर पर ‘ब्राह्मणवादी व्यवस्था’ से ही चाहिए। यह एक ऐसी व्यवस्था है, जो मानती है कि गरीब, शोषित, जानवर और महिलाएं, ये सभी दमन और दुर्व्यवहार के ही लायक हैं। इसी व्यवस्था के तहत ब्राह्मण महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं और दुष्कर्म की शिकार होती हैं। मंदिरों के अंदर पुजारी रेप करते हैं। हमने ऐसी घटनाएं देखी हैं।”
