नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने सोमवार को कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाए, वहीं परिसीमन प्रक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि संसद में सभी को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए यह आवश्यक है। इसके अलावा, कन्नौज में समाजवादी पार्टी के पीडीए सम्मेलन में खाली कुर्सियों के मुद्दे पर भी उन्होंने अखिलेश यादव को घेरा।
राहुल गांधी के विदेश जाने की खबरों पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। देश में जब भी कोई प्रमुख गतिविधि होती है, उस समय राहुल गांधी अक्सर विदेश चले जाते हैं। उन्होंने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को रहस्यमय बताते हुए सवाल किया कि वे कहां जाते हैं, किससे मिलते हैं और इन यात्राओं का खर्च कौन उठाता है। विपक्ष के नेता होने के नाते राहुल गांधी की जिम्मेदारी है कि वे पिछले दो-तीन वर्षों में की गई अपनी विदेश यात्राओं के बारे में देश को जानकारी दें।
उन्होंने कहा कि एक तरफ राहुल गांधी देश में आंदोलन करने की बात करते हैं, जबकि दूसरी तरफ विदेश यात्रा पर चले जाते हैं। भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि इससे उनके आंदोलन की गंभीरता पर सवाल खड़े होते हैं और उसमें दम नजर नहीं आता।
परिसीमन बिल पर डीएमके के सरकार का समर्थन करने के फैसले पर खंडेलवाल ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देश में जनसंख्या लगातार बढ़ रही है और संसद में सभी को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके, इसके लिए परिसीमन एक आवश्यक प्रक्रिया है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसके पास अपना कोई ठोस एजेंडा नहीं है। इसी वजह से वह हर मुद्दे को विवाद में बदलने की कोशिश करता है। विपक्ष की यही नीति रही है, लेकिन उसे हर बार निराशा हाथ लगती है।
कन्नौज में पीडीए सम्मेलन के दौरान कुर्सियां खाली रहने और इसके बाद संगठन इकाई भंग किए जाने के मुद्दे पर भाजपा सांसद ने अखिलेश यादव पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह घटना समाजवादी पार्टी की स्थिति को दर्शाती है। अखिलेश यादव बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन उनका आचरण जनता को पसंद नहीं आ रहा है। कन्नौज अखिलेश यादव का अपना शहर माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद वहां आयोजित बड़े सम्मेलन में पर्याप्त भीड़ नहीं जुटना सवाल खड़े करता है।
भाजपा सांसद ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से अखिलेश यादव के प्रति बेरुखी का संकेत है।
