शिमला, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को हिरासत में लिया जाना बेहद चिंताजनक है।
शिमला में मीडिया से बातचीत में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि बीते दिन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल सहित विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त के समक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़े गंभीर मुद्दे रखने जा रहे थे, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही जनप्रतिनिधियों को हिरासत में लेना बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पता चलता है कि ज्ञानेश कुमार भाजपा के साथ मिलकर देश में लोकतंत्र और संविधान को कमजोर कर रहे हैं। इसके विरोध में बुधवार को शिमला में लोकभवन के बाहर कांग्रेस पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन किया गया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद हैं। ऐसे में चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों का समाधान संवाद और पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। विपक्ष की आवाज सुनना और उसके सवालों का जवाब देना लोकतांत्रिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को करीब 300 सांसदों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने आरोप लगाया कि इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा सरकार लोकतंत्र में उठने वाली हर आवाज को दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर संघर्ष कर रहे हैं। वोट चोरी करके सत्ता तो हासिल की जा सकती है, लेकिन लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए भारत के लोगों के बीच राहुल गांधी द्वारा उठाई गई आवाज को कोई नहीं रोक सकता। राहुल गांधी को किसी पद की चाहत नहीं है और वे उस लोकतंत्र की रक्षा करना चाहते हैं, जिसे संविधान ने पिछले 75 वर्षों से बनाए रखा है।
