सुल्तानपुर, 21 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मानहानि मामले में सोमवार को एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। परिवादी भाजपा नेता विजय मिश्र की ओर से अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने अदालत में अपनी दलीलें रखीं। करीब 45-50 मिनट तक बहस के बाद अदालत ने शेष बहस के लिए अगली तारीख 29 सितंबर तय की है।
यह मामला वर्ष 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर की गई कथित टिप्पणी से संबंधित है। शिकायतकर्ता भाजपा नेता विजय मिश्र ने आरोप लगाया है कि बेंगलुरु में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। विजय मिश्र ने इसी टिप्पणी से आहत होने का हवाला देते हुए सुल्तानपुर की अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दाखिल किया था। मामले की सुनवाई बाद में एमपी-एमएलए विशेष अदालत में चलती रही।
मामले की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने राहुल गांधी की आवाज के नमूने का मिलान उस रिकॉर्डिंग से कराने की मांग की थी, जिसे कथित टिप्पणी से संबंधित साक्ष्य के तौर पर पेश किया गया है। इसके लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला से आवाज की जांच कराने की अर्जी ट्रायल कोर्ट में दी गई थी।
ट्रायल कोर्ट ने यह अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद शिकायतकर्ता पक्ष ने सेशन कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली। इसके बाद हाईकोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी गई। उपलब्ध रिपोर्टिंग के अनुसार हाईकोर्ट ने भी याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद अब मूल मानहानि मामले में अंतिम बहस की कार्यवाही आगे बढ़ रही है।
परिवादी के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने सोमवार को अदालत में बहस के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों और कथित टिप्पणी से जुड़े तथ्यों पर अपनी दलीलें रखीं। उन्होंने कहा कि 29 सितंबर को वह अपनी शेष बहस पूरी करेंगे।
मामले में अदालत ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को विचारण के लिए तलब किया था। इसके बाद राहुल गांधी अदालत में पेश हुए और उन्हें जमानत मिली। फरवरी 2024 में सुल्तानपुर की विशेष अदालत ने उन्हें जमानत दी थी। उस समय राहुल गांधी ने आरोपों से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया था। इसके बाद मामले में बयान और अन्य न्यायिक कार्यवाही आगे बढ़ी। साक्ष्य संबंधी कार्यवाही पूरी होने के बाद अदालत ने अंतिम बहस के लिए मामला तय किया था।
परिवादी भाजपा नेता विजय मिश्र के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि सोमवार को मामला फाइनल बहस के लिए अदालत में लगा था। उन्होंने पहले लंच के बाद बहस करने का अनुरोध किया और दोपहर करीब तीन बजे अदालत में अपनी दलीलें शुरू कीं। लगभग 45 से 50 मिनट तक बहस हुई, जिसके बाद अदालत ने शेष बहस के लिए 29 सितंबर की तारीख निर्धारित की। उन्होंने बताया कि यह मामला वर्ष 2018 की उस कथित टिप्पणी से संबंधित है, जिसे लेकर विजय मिश्र ने मानहानि का परिवाद दाखिल किया था। अगली तारीख पर उनकी ओर से बची हुई बहस पूरी की जाएगी।
राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि सोमवार को परिवादी पक्ष की ओर से बहस आंशिक रूप से शुरू की गई। अदालत ने शेष बहस के लिए 29 सितंबर की तारीख तय की है। परिवादी की बहस पूरी होने के बाद राहुल गांधी की ओर से बचाव पक्ष की दलीलें पेश की जाएंगी।
