जयपुर, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान पुलिस गुरुवार को अपना 77वां स्थापना दिवस पूरे गौरव और उत्साह के साथ मना रही है। इस अवसर पर राजस्थान पुलिस अकादमी में राज्यस्तरीय भव्य समारोह आयोजित किया गया, जिसमें भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कार्यक्रम स्थल पर आगमन बेहद आकर्षक रहा, जहां वे पुलिस की मोटरसाइकिल बटालियन और घुड़सवार जवानों के साथ समारोह स्थल तक पहुंचे। उन्होंने परेड की सलामी ली और प्रदेश के पुलिसकर्मियों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया।
इस खास मौके पर मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राजकॉप सिटीजन ऐप से जुड़े राजस्थान पुलिस पेंशनर्स पोर्टल का लोकार्पण किया। इस पोर्टल के माध्यम से राज्य के हजारों सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी और उनके परिजन अब घर बैठे डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे पेंशन संबंधी प्रक्रियाएं सरल व पारदर्शी बनेंगी और बुजुर्ग पेंशनर्स को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
स्थापना दिवस समारोह में इस वर्ष समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले तीन आम नागरिकों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने सिरोही के प्रकाश प्रजापति, झालावाड़ के सुरजीत कश्यप और उदयपुर की बाल सुरक्षा सलाहकार सिंधु बिनुजीत को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ के निर्देशानुसार इन तीनों को उनके अनुकरणीय सामाजिक कार्यों के लिए चुना गया।
विशेष रूप से सिंधु बिनुजीत के कार्यों की सराहना की गई। उन्होंने वर्ष 2010 से डूंगरपुर के आदिवासी क्षेत्रों में बाल श्रम और पलायन रोकने के लिए यूनिसेफ के सहयोग से ‘वत्सल वार्ता’ और ‘बाल मित्र थाने’ जैसी पहल शुरू की। उनके प्रयासों से बच्चों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा और भय कम हुआ। वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी इस मॉडल की सराहना करते हुए इसे पूरे प्रदेश में लागू करने के निर्देश दिए थे।
राज्यभर में स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कोटा, कोटपूतली, बांसवाड़ा और डूंगरपुर सहित कई जिलों में परेड, वृक्षारोपण, सम्मान समारोह और रक्तदान शिविरों का आयोजन हुआ, जिसमें पुलिसकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह आयोजन न केवल पुलिस बल के गौरवशाली इतिहास को याद करने का अवसर बना बल्कि समाज और पुलिस के बीच विश्वास को और मजबूत करने का संदेश भी देता है।

