सीकर, 31 मई (आईएएनएस)। राजस्थान के सीकर जिले में बेसहारा सांड़ों का आतंक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में शनिवार रात हुई दो दर्दनाक घटनाओं में एक एएनएम और एक मजदूर की सांड़ के हमले में मौत हो गई।
दोनों घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि जिले में बड़ी संख्या में गौशालाएं होने के बावजूद बेसहारा पशु खुलेआम सड़कों और बाजारों में घूम रहे हैं, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।
पहली घटना सीकर जिले के रानोली गांव में हुई। जानकारी के अनुसार स्टेशन रोड स्थित हनुमान कॉलोनी के पास शनिवार रात करीब 9 बजे दो सांड़ आपस में लड़ रहे थे। इसी दौरान बाइक से घर लौट रहे मुकेश कुमार उनकी चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एक सांड़ ने मुकेश की छाती में सींग मार दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह सांड़ों को भगाया और घायल युवक को उपचार के लिए रानोली अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे सीकर के एसके अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मुकेश कुमार बलाई रानोली क्षेत्र की बाणियों की ढाणी के निवासी थे और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिजनों ने बताया कि वह परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
दूसरी घटना नेछवा थाना क्षेत्र के झाझड़ गांव में हुई। यहां सरकारी महिला कर्मचारी एवं एएनएम मधु जांगिड़ सांड़ के हमले का शिकार हो गईं। परिजनों के अनुसार मधु जांगिड़ दीपपुरा चारणान की निवासी थीं और उनकी ड्यूटी गुमानपुरा उप स्वास्थ्य केंद्र में थी। वह किसी कार्य से नेछवा गई थीं और लौटते समय झाझड़ में बस से उतरने के दौरान पीछे से आए एक सांड़ ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल मधु को पहले नेछवा अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें सीकर रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
रविवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया। इस दौरान अस्पताल और गांवों में शोक का माहौल रहा। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से लावारिस पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।

