Sunday, July 5, 2026
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राजनीति में शिक्षित युवाओं की बढ़े भागीदारी, तभी मजबूत होगा लोकतंत्र : सतीश महाना

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लखनऊ, 5 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए राजनीति में शिक्षित, जागरूक और उत्तरदायी युवाओं की भागीदारी समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन संवाद, संसदीय मर्यादा और सकारात्मक बहस ही लोकतांत्रिक व्यवस्था की वास्तविक ताकत है।

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की युवा इकाई ‘यंग इंडियंस’ (वाईआई) की ओर से आयोजित ‘यंग इंडिया पार्लियामेंट-2026’ के कानपुर चैप्टर के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए महाना ने कहा कि आज का मतदाता अपने जनप्रतिनिधि का प्रदर्शन सदन के भीतर देखना चाहता है, केवल हंगामा या वॉकआउट नहीं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपनी बात तथ्यों और तर्कों के साथ सदन में मजबूती से रखनी चाहिए, क्योंकि वहीं से जनता तक उनका संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचता है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा पूरी तरह पेपरलेस हो चुकी है और आधुनिक तकनीक के माध्यम से अपनी कार्यवाही संचालित कर रही है। सदन में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है और अध्यक्ष की अनुमति के बिना कोई सदस्य अपनी बात नहीं रख सकता। उन्होंने कहा कि विधानसभा की गरिमा बनाए रखने के लिए उदारता और सख्ती, दोनों का संतुलित प्रयोग आवश्यक है। महाना ने कहा कि आमतौर पर यह धारणा रहती है कि विधानसभा का काम केवल सत्र के दौरान होता है, जबकि वास्तविकता यह है कि सदन की कार्यवाही सत्र समाप्त होने के बाद भी विभिन्न समितियों, प्रशासनिक बैठकों और संसदीय गतिविधियों के माध्यम से लगातार चलती रहती है।

उन्होंने प्रतिभागी छात्रों से कहा कि ‘यंग इंडिया पार्लियामेंट’ जैसे आयोजन युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, संसदीय परंपराओं और जिम्मेदार नेतृत्व को समझने का व्यावहारिक अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे मंच युवाओं में नेतृत्व क्षमता, तार्किक सोच, संवाद कौशल और राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी योजनाएं केवल अगले पांच वर्षों को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं।

उन्होंने युवाओं से भी भविष्य की चुनौतियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक सोच विकसित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में 17 विद्यालयों के करीब 150 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने प्रश्नकाल, शून्यकाल और विधायी कार्यवाही का संचालन करते हुए संसदीय प्रक्रिया का जीवंत प्रदर्शन किया, जिसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा के साथ विधेयकों को पारित करने की प्रक्रिया का भी अभ्यास कराया गया।

–आईएएनएस

विकेटी/पीएम