रामपुर, 22 जून (आईएएनएस)। यूपी सरकार ने रामपुर के छह सरकारी वकीलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने छह सरकारी वकीलों की सेवा समाप्त कर दी है। इसमें वे वकील भी शामिल हैं, जो समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के खिलाफ चल रहे मुकदमों में सरकार की ओर से पैरवी कर रहे थे।
रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने इन वकीलों को कार्यमुक्त करने का आदेश भी जारी किया है। इनमें अधिवक्ता अमित कुमार सक्सेना, संदीप सक्सेना, प्रमोद सागर, ओमप्रकाश लोधी, प्रताप सिंह मौर्य और अमित कुमार शामिल हैं। इनमें वकील संदीप सक्सेना भाजपा विधायक आकाश सक्सेना के बेहद करीबी माने जाते हैं।
बताया जा रहा है कि वकीलों को पदमुक्त करने के लिए राज्य सरकार के विशेष सचिव की ओर से पत्र जारी किए गए थे। उत्तर प्रदेश सरकार के न्याय विभाग के आदेश के बाद रामपुर के डीएम अजय द्विवेदी ने छह सरकारी वकीलों को सरकारी कार्यो से कार्यमुक्त कर दिया है। राजनीतिक गलियारे में इस कार्रवाई के पीछे कई तरह के मतलब निकाले जा रहे हैं।
विधानसभा चुनाव 2027 नजदीक है। रामपुर में सपा नेता आजम खान, उनके बेटे अब्दुल्ला और उनके परिवार पर मुकदमे चल रहे हैं। अचानक सरकारी वकीलों को कार्यमुक्त करने की वजह को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। चर्चा है कि हाल के दिनों में अब्दुल्ला आजम को मिली राहत इसके पीछे की वजह हो सकती है।
बता दें कि आजम खान और उनके परिवार के खिलाफ मामलों की लंबी फेहरिस्त है। अगर अलग-अलग केस जोड़े जाएं, तो केसों की संख्या 150 से ज्यादा है। आजम खान फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, शत्रु संपत्ति और हेट स्पीच, जमीन कब्जाने, डकैती और चोरी जैसे कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं।

