रांची, 2 जुलाई (आईएएनएस)। रांची में विश्वस्तरीय सुविधाओं वाले मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल ‘रिम्स -2’ की स्थापना की राह प्रशस्त हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में 4189.42 करोड़ की लागत वाली परियोजना को मंजूरी दे दी गई। परियोजना के सुचारू संचालन और मॉनिटरिंग के लिए ‘जागृति पीएमयू’ (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट) का गठन किया जाएगा।
आईआईएम रांची इस परियोजना में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में काम करेगा, जबकि सामाजिक-आर्थिक प्रभाव के आकलन के लिए रांची स्थित जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विसेज को दी गई है। कैबिनेट की बैठक में विकास, जनकल्याण एवं प्रशासनिक सुधार से जुड़े कुल 27 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। राज्य में मनरेगा व्यवस्था को समाप्त कर ‘विकसित भारत- जी-राम-जी’ योजना को लागू करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट ने स्वीकार कर लिया है। इसके तहत आदिम जनजाति समूहों के लिए अतिरिक्त रोजगार और कार्यों की विशेष व्यवस्था की जाएगी, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल सके।
प्रशासनिक कामकाज को सुगम और तेज बनाने के लिए राज्य सरकार ने ‘एकल प्रशासनिक पदाधिकारी’ की व्यवस्था को मंजूरी दी है। यह व्यवस्था उन प्रखंडों और अंचलों में लागू होगी जहां 12 से कम पंचायतें हैं। नए ढांचे के तहत राज्य के 53 अंचलों में अब सीओ सह बीडीओ और 54 प्रखंडों में बीडीओ सह सीओ की तैनाती होगी। राज्य के अन्य 164 बड़े प्रखंडों में बीडीओ और सीओ के पद पहले की तरह अलग-अलग बने रहेंगे।
विश्व प्रसिद्ध सुल्तानगंज-देवघर श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारू यातायात के लिए अस्थायी थानों के गठन को मंजूरी दी गई है। मेले के दौरान सुरक्षा के लिए 28 अस्थायी ओपी और 19 यातायात ओपी बनाए जाएंगे। ये सभी 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक एक्टिव रहेंगे। झारखंड के विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए आगामी 8 और 9 जुलाई को देश की राजधानी नई दिल्ली में एक बड़े सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
‘नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन 2026’ नाम के इस राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। बिहार और झारखंड के बीच सालों पुराने बाणसागर परियोजना समझौते के तहत सोन नदी के पानी के बंटवारे के फार्मूले को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस समझौते के अनुसार झारखंड को उसके हिस्से का पूरा पानी मिल सकेगा और सिंचाई व्यवस्था बेहतर होगी। सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने खजाने का मुंह खोल दिया है।
दुमका और साहेबगंज के बीच चलने वाली महत्वपूर्ण सड़क को अब शानदार दो-लेन का बनाया जाएगा, जिसमें किनारे पर पैदल चलने वालों के लिए भी जगह होगी। इस पूरे काम पर 221 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, साहेबगंज में एक और सड़क के लिए करीब 88 करोड़ रुपए और पाकुड़ के ग्रामीण इलाकों की सड़कों को मुख्य सड़कों से जोड़ने और नए पुल बनाने के लिए 128 करोड़ रुपए से ज्यादा की मंजूरी दी गई है।
चतरा के सिमरिया-टंडवा मार्ग को भी चमकाया जाएगा, जिस पर 33 करोड़ रुपए खर्च होंगे। राजधानी रांची के बिरसा चौक से लेकर धुर्वा गोलचक्कर और पुलिस मुख्यालय की तरफ जाने वाली सड़क का पूरी तरह से कायाकल्प किया जाएगा। इस सड़क को न सिर्फ चौड़ा और मजबूत बनाया जाएगा, बल्कि यहां साइकिल चलाने वालों के लिए अलग ट्रैक, सुंदर पौधे और जनसुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। शासनिक पारदर्शिता और सरकारी नौकरियों में ईमानदारी बढ़ाने के लिए अब झारखंड में नवनियुक्त सरकारी कर्मचारियों के लिए जॉइनिंग के समय ‘निष्ठा और गोपनीयता की शपथ’ लेना अनिवार्य कर दिया गया है। कैबिनेट ने इसके प्रारूप को पास कर दिया है।

