रांची, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में मंगलवार शाम बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा उत्सव के दौरान रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतले धू-धूकर जल उठे। इस अवसर पर ‘सोने की लंका’ का भी दहन किया गया। शानदार आतिशबाजी और लेजर लाइट शो ने आसमान को रंगीन कर दिया।
पंजाबी हिंदू बिरादरी की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, रांची के विधायक सीपी सिंह और मेयर रोशनी खलखो सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। रांची के मोरहाबादी मैदान में दशहरा उत्सव का आयोजन वर्ष 1948 से किया जा रहा है। इस लिहाज से इस वर्ष आयोजन का 79वां साल है। शाम करीब 6.15 बजे शुरू हुआ कार्यक्रम लगभग 7 बजे तक चला।
यहां रावण का 80 फीट, कुंभकर्ण का 75 फीट और मेघनाद का 70 फीट ऊंचा पुतला बनाया गया था। इसके अलावा 40 फीट ऊंची दोमंजिला सोने की लंका आकर्षण का केंद्र रही। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रावण के पुतले में आग लगाई जबकि रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कुंभकर्ण और रांची के विधायक सीपी सिंह ने मेघनाद के पुतले का दहन किया। सोने की लंका में राज्यसभा सांसद महुआ माजी और रांची की मेयर रोशनी खलखो ने रिमोट के जरिए आग लगाई।
कुछ ही देर में विशाल पुतले आग की लपटों में घिर गए। आतिशबाजी और लेजर लाइट के बीच मैदान में मौजूद डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों ने इस दृश्य को देखा। कार्यक्रम में रामलीला पर आधारित 15 मिनट की विशेष झांकी भी प्रदर्शित की गई। इसके जरिए भगवान राम की कथा और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राज्यवासियों को दशहरा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हर दौर में अंततः बुराई पर अच्छाई की विजय होती है। उन्होंने कामना की कि देश और राज्य में सुख-शांति बनी रहे तथा झारखंड प्रगति के पथ पर आगे बढ़े। रांची के अरगोड़ा, टाटीसिलवे और धुर्वा में भी रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
–आईएएनएस
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