Tuesday, August 11, 2026
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रांची में ‘विधानसभा घेराव’ मार्च के दौरान छात्रों पर नहीं हुआ बल प्रयोग, राजनीति कर रही भाजपा : जेएमएम

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रांची, 11 अगस्त (आईएएनएस)। रांची में ‘विधानसभा घेराव’ मार्च के दौरान छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर भाजपा द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर जेएमएम के प्रवक्ता मनोज पांडे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार लोकतंत्र में भरोसा रखती है। छात्रों पर किसी तरह का बल प्रयोग नहीं किया गया। भाजपा राजनीतिक फायदे के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर भाजपा के झारखंड बंद के आह्वान पर जेएमएम के प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा, “क्या कोई पुलिस कार्रवाई हुई है? बल का जो भी इस्तेमाल हुआ, वह आत्मरक्षा में था।”

उन्होंने दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन का जिक्र करते हुए भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि उस समय भाजपा की राजनीति कहां चली गई थी, जब पैलेट गन और कील लगी लाठियों का इस्तेमाल हुआ था? जेन-जी को कॉकरोज बोलने वाले लोग छात्र हित की बात कर रहे हैं। ये छात्रों के आंदोलन में घुसकर राजनीति करने का प्रयास करते हैं। यह बहुत शर्मनाक है।

मनोज पांडे ने कहा, “सरकार बल प्रयोग नहीं करना चाहती थी। हम पैलेट गन का इस्तेमाल भी कर सकते थे, लेकिन हम तानाशाही सोच वाले लोग नहीं हैं। छात्र आए और विरोध किया। यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार था। वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे। लेकिन उन्हें उकसाने और भड़काने का काम कुछ भाजपा नेताओं और कुछ कोचिंग संचालकों ने किया, जो भाजपा के एजेंट के तौर पर काम कर रहे थे। इसलिए सरकार ने थोड़ी सख्ती दिखाई।”

कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए जेएमएम के प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा, ” राहुल गांधी ने कोई विरोध दर्ज नहीं कराया। उन्होंने कहा कि बल प्रयोग नहीं होना चाहिए। हम भी यही कहते हैं। हमारे नेता भी यही कहते हैं। सीएम हेमंत सोरेन के निर्देश पर ही वहां बल प्रयोग नहीं किया गया।”

उन्होंने कहा, “कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। वीडियो भी सामने आए, जिनमें पत्थर फेंके जा रहे थे और पुलिसकर्मियों पर हमले हो रहे थे। हम भी यही मानते हैं कि बच्चों पर बल प्रयोग नहीं करना चाहिए। सोमवार को विधानसभा मार्च के दौरान जो कुछ भी हुआ वो कोई बड़ी घटना नहीं है। पुलिस ने बच्चों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं किया। बस स्थिति को नियंत्रण करने के लिए जो जरूरी था वही किया गया।”