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रेजीनगर-नंदीग्राम में भाजपा की जीत पर कुणाल घोष बोले, ये आर्टिफिशियल रिजल्ट है

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कोलकाता, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों रेजीनगर और नंदीग्राम में भाजपा की जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने नतीजों को ‘आर्टिफिशियल और मैन्युफैक्चर्ड’ बताते हुए कहा कि यह जनमत नहीं, बल्कि वोट चोरी का रिजल्ट है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर हजारों वैध वोटरों के नाम लिस्ट से हटाए गए, कार्यकर्ताओं को धमकाया-गिरफ्तार किया गया और कई बूथों पर पुलिस ने ताला लगाकर लोगों को वोट डालने से रोका, जिसके कारण उनकी पार्टी हार गई।

रेजीनगर और नंदीग्राम में भाजपा की जीत को लेकर तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष ने कहा, “यह कोई चुनाव ही नहीं हुआ, यह पूरा रिजल्ट ही फर्जी है। यह पूरी तरह से आर्टिफिशियल और मैन्युफैक्चर्ड रिजल्ट है। इसका जनता की राय से कोई संबंध नहीं है। पहला कारण, एसआईआर की वजह से बहुत सारे वोटर्स के नाम लिस्ट में नहीं थे। दूसरा, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और कांग्रेस के उम्मीदवारों से लेकर कार्यकर्ताओं तक को धमकाया गया, गिरफ्तार किया गया और इलाके से हटा दिया गया। हम लोग एजेंट भी नहीं दे पाए, क्योंकि उन्हें आने ही नहीं दिया गया।”

उन्होंने कहा कि जब जनता वोट देने जा रही थी तो कई जगहों पर पुलिस ने बूथ को लॉक कर दिया, लोगों को जाने नहीं दिया। कहीं लोग पहुंचे भी तो वहां से उन्हें भगा दिया गया। अगर निष्पक्ष चुनाव होता तो डोमकल में ममता बनर्जी और कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार विलाल हुसैन और रेजीनगर में ममता बनर्जी के उम्मीदवार रबिउल आलम चौधरी के जीतने के पूरे चांस थे, लेकिन वोट ही तो नहीं डालने दिया गया।

टीएमसी नेता ने कहा कि इससे तो अच्छा है कि जिस दिन चुनाव आयोग चुनाव की घोषणा करे, उसी दिन वह दो सीटें बीजेपी की जीती हुई घोषित कर दे। इस चुनाव का क्या मतलब है? जो मॉडल दिखाया जा रहा है, उसका बैकअप चुनाव आयोग है। चुनाव आयोग ने जो वोटर लिस्ट तैयार की है, बहुत सारे वैध वोटरों को उस लिस्ट से हटा दिया गया। प्लस, पुलिस और प्रशासन ने जिस तरह से वोटिंग करवाई, उसके भरोसे पर ही शुभेंदु अधिकारी ये सब बातें बोल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जनता के बीच भाजपा का कोई भरोसा नहीं है। उसे खुद यह कॉन्फिडेंस है कि अगर पूरी जनता वोट देगी तो भाजपा हार जाएगी। इसलिए वह सामान्य तरीके से वोट नहीं पड़ने देती।

कुणाल घोष ने कहा कि महिलाओं ने वोट दिया ही नहीं, लेकिन महिलाओं को तो आप लोगों ने बूथ तक जाने ही नहीं दिया। गांव-गांव में महिलाएं शिकायत कर रही थीं, लेकिन जनता को बूथ तक जाने नहीं दिया गया। तो वहां फर्जी वोटिंग हुई। इसे जस्टिफाई करने के लिए ही वे ये सब बातें बोल रहे हैं।