नई दिल्ली, 5 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के पूर्व बल्लेबाज सुरेश रैना मानते हैं कि विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ‘व्हाइट-बॉल फॉर्मेट’ में भी टेस्ट क्रिकेट जैसा शानदार प्रदर्शन करने की काबिलियत रखते हैं, बशर्ते वह बिना किसी हिचकिचाहट के खेलें और मानसिक रुकावटों से उबरें।
टेस्ट मुकाबलों में भारत के लिए मैच-विनर होने के बावजूद, पंत व्हाइट-बॉल क्रिकेट में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए हैं। हालांकि, पंत भारत के लिए 31 वनडे में 33.50 की औसत के साथ 871 रन, जबकि 76 वनडे मुकाबलों में 1,209 रन बना चुके हैं, लेकिन उन्हें आखिरी बार साल 2024 में व्हाइट बॉल फॉर्मेट खेलने का मौका मिला था।
भले ही पंत चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं दिया गया। जून 2026 में अफगानिस्तान के विरुद्ध वनडे टीम से भी उन्हें बाहर रखा गया था।
रैना ने आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर कहा, “पंत मेरे पसंदीदा खिलाड़ी हैं। ऋषभ टेस्ट में बहुत अच्छा खेल रहे हैं और खूब रन बना रहे हैं। वह कड़ी मेहनत कर रहे हैं। ध्रुव जुरेल अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं; संजू सैमसन भी अच्छा खेल रहे हैं, लेकिन ऋषभ में वो ‘एक्स-फैक्टर’ है। वह धीरे-धीरे परिपक्व हो रहे हैं। आप व्हाइट-बॉल क्रिकेट की बात कर रहे हैं, लेकिन यह बात आईपीएल के मामले में भी सच है।”
टेस्ट क्रिकेट में पंत की काबिलियत साबित होने के बावजूद, व्हाइट-बॉल इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन न कर पाने पर सवाल उठते रहे हैं। रैना ने कहा, “टेस्ट मुकाबलों में उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, जैसा कि सभी जानते हैं, लेकिन टी20 या वनडे में ऐसा क्यों नहीं हो रहा है? क्या वह अपने दिमाग में कुछ सोच रहे हैं? वह क्या है? उन्हें यह समझने की जरूरत है कि वहां पारी को कैसे आगे बढ़ाया जाए। टेस्ट मुकाबलों में वह बिना किसी हिचकिचाहट के खेलते थे। अगर उन्हें वहां छक्का मारना है, तो वह पहली ही गेंद पर मार देंगे।”
वनडे वर्ल्ड कप 2011 और चैंपियंस ट्रॉफी 2013 जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे रैना ने सुझाव दिया कि अपनी बैटिंग स्टाइल में खुलकर खेलने से पंत को मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा, “कभी-कभी खिलाड़ी को रुकावट महसूस होती है। मैंने भी ऐसा देखा और महसूस किया है – कि मैं बेहतर तरीके से बात नहीं कर पाया या टेस्ट मुकाबलों में और बेहतर कर सकता था। इसलिए, अगर ऋषभ कोशिश करें, तो वह ऐसे व्यक्ति के साथ समय बिता सकते हैं जो व्हाइट-बॉल क्रिकेट में उनका मार्गदर्शन कर सके। उन्हें अपने अंदाज में खुलकर खेलने की जरूरत है। वह बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं। भविष्य में, भगवान की कृपा से, वह अच्छा प्रदर्शन करेंगे क्योंकि उन्होंने बहुत कुछ झेला है, जैसे कि उन्हें जो झटके लगे और बाकी चीजें। वह एक दिन जरूर सफल होंगे – उनका समय आएगा।”
