मुंबई, 11 फरवरी (आईएएनएस)। फिल्म मेकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना में मुंबई पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगा दिया गया है।
बुधवार को पांचों आरोपियों की पुलिस कस्टडी खत्म होने के बाद स्पेशल मकोका कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी पांचों आरोपियों को 17 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने इन आरोपियों की 15 दिनों की पुलिस कस्टडी की मांग की थी, लेकिन स्पेशल कोर्ट ने इतनी लंबी कस्टडी देने से इनकार कर दिया और केवल 17 फरवरी तक की अवधि के लिए पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।
इस मामले में पुलिस ने पहले ही पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों पर रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग करने का आरोप है। घटना के बाद पुलिस ने 12 टीमों का गठन किया। वहीं, मुंबई क्राइम ब्रांच ने तुरंत जांच शुरू की और कुछ दिनों में ही इन पांचों को हिरासत में ले लिया।
शुरुआती जांच में कई खुलासे हुए हैं, जिसके बाद पुलिस ने मकोका लगाने का फैसला किया। मकोका एक सख्त कानून है, जिसका इस्तेमाल संगठित अपराध, गैंगवार और वसूली जैसे मामलों में किया जाता है। इस कानून के तहत आरोपी को आसानी से जमानत नहीं मिलती और जांच के दौरान पुलिस को ज्यादा अधिकार मिलते हैं।
वहीं, रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग मामले की जांच में मुंबई क्राइम ब्रांच ने बड़ा खुलासा किया है। फरार आरोपी शुभम लोनकर मुंबई में दहशत फैलाने की साजिश रच रहा था। उसने गिरफ्तार आरोपियों से कहा था कि “मुंबई में कुछ बड़ा करना है।”
क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने कोर्ट में बताया कि गिरफ्तार आरोपी सिग्नल ऐप के जरिए शुभम लोनकर के संपर्क में था। शुभम ने उस आरोपी के बैंक अकाउंट में 40 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे।
इसके अलावा, शुभम ने अपने भाई प्रवीण लोनकर को तीन हथियार दिए थे। प्रवीण ने ये हथियार रोहित शेट्टी फायरिंग केस में शामिल गिरफ्तार आरोपियों तक पहुंचाए। अब पुलिस प्रवीण लोनकर को कस्टडी में लेकर गहन पूछताछ करेगी। पुलिस का कहना है कि यह साजिश बड़ी हो सकती है। फरार शुभम लोनकर को जल्द गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी और निगरानी तेज कर दी गई है।

