नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में चल रही अंदरूनी खींचतान पर बोलते हुए कहा कि पार्टी लगातार कमजोर होती जा रही है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी में अब एकता नहीं बची है और बड़ी संख्या में विधायक और पार्षद दूरी बना रहे हैं। उनके मुताबिक, टीएमसी को जोड़कर रखने वाला तत्व सत्ता था, लेकिन अब सत्ता का प्रभाव कम होने के साथ पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी किसी मजबूत विचारधारा के आधार पर नहीं, बल्कि सत्ता के सहारे खड़ी थी। अब जब अंदरूनी असंतोष बढ़ रहा है, तो पार्टी धीरे-धीरे बिखरती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि कई विधायक और पार्षद पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं, और यह स्थिति टीएमसी के भविष्य के लिए गंभीर संकेत है।
कर्नाटक की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए आरपी सिंह ने मुख्यमंत्री पद संभालने पर डीके शिवकुमार को बधाई दी। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले कई महीनों से मुख्यमंत्री पद को लेकर चली खींचतान का खामियाजा राज्य की जनता को भुगतना पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस राजनीतिक संघर्ष के कारण प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हुआ। किसानों को समय पर राहत नहीं मिल पाई और युवाओं की समस्याएं भी जस की तस बनी रहीं।
उन्होंने विशेष रूप से बेंगलुरु का जिक्र करते हुए कहा कि देश की प्रमुख आईटी राजधानी माने जाने वाले शहर की प्रशासनिक व्यवस्था भी इस दौरान प्रभावित हुई है। उनके अनुसार, कांग्रेस नेताओं की आपसी प्रतिस्पर्धा का असर सीधे तौर पर राज्य के विकास पर पड़ा है।
दिल्ली के मलवीय नगर में हुई भीषण आग की घटना पर दुख जताते हुए आरपी सिंह ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद हादसा है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिल्ली नगर निगम और दिल्ली सरकार मिलकर मामले की पूरी जांच करेंगे और यदि किसी अधिकारी या संबंधित व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बकरीद के बाद कुछ मुस्लिम संगठनों द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर भी उन्होंने अपनी राय रखी। आरपी सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और उसे केवल पशु के रूप में नहीं देखा जाता।

