Tuesday, June 16, 2026
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रग्बी प्रीमियर लीग: मैनुअल मोरेनो को ‘एक खराब गेम’ से मिली बड़ी सीख, इस बार मजबूत वापसी पर नजरें

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नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। हैदराबाद हीरोज के कप्तान मैनुअल मोरेनो को रग्बी प्रीमियर लीग (आरपीएल) के पहले सीजन के दौरान ‘एक खराब गेम’ ने करियर का सबसे बड़ा सबक सिखाया। अब यह स्पेनिश स्टार इस लीग के दूसरे सीजन में अपनी टीम की कमान संभालता नजर आएगा।

दुनिया की पहली फ्रेंचाइजी-आधारित रग्बी सेवन्स लीग, रग्बी प्रीमियर लीग, साल 2025 में सफल सीजन के बाद 16 जून को फिर से शुरू हो रही है। साल 2026 में चार टीमों वाली महिला प्रतियोगिता को शामिल करके इस लीग का विस्तार किया गया।

पहले सीजन में शानदार प्रदर्शन करने वाली टीमों में हैदराबाद हीरोज भी शामिल थी, जिसने लीग चरण में कोई मैच नहीं हारा और अंततः ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस फ्रेंचाइजी ने अपनी उस मुख्य टीम को बनाए रखा है, जिसने पिछले साल अच्छा प्रदर्शन किया था। नीलामी से पहले मोरेनो और केन्या के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी केविन वेकेसा को टीम में बनाए रखा गया। इसके बाद सुमित रॉय कुमार, संबित प्रधान और वोल्फ्राम हैकर जैसे कई अहम खिलाड़ी भी टीम में लौट आए।

हैदराबाद के शानदार पहले सीजन को याद करते हुए मोरेनो ने कहा कि टीम की एकमात्र हार ने यह साबित कर दिया कि रग्बी में किस्मत कितनी तेजी से बदल सकती है।

मोरेनो ने ‘आईएएनएस’ के साथ खास बातचीत में कहा, “हैदराबाद हीरोज पिछले पूरे सीजन में लगभग अजेय रही थी, बस एक खराब गेम- यानी सिर्फ 16 खराब मिनट, और नतीजा उस लक्ष्य से बिल्कुल अलग रहा जो हमने पिछले सीजन में तय किया था। इससे यह बात फिर से साबित होती है कि रग्बी के खेल में नतीजा कुछ ही मिनटों में बदल सकता है और उन पलों में तैयार रहना और जरूरत पड़ने पर रणनीति बदलना सबसे जरूरी है। हमारे मामले में, इसी वजह से हम गोल्ड मेडल के लिए लड़ने या ब्रॉन्ज मेडल के लिए खेलने के बीच के अंतर को समझ पाए, लेकिन बतौर टीम हम आगे बढ़ते हैं और उससे सीखते हैं।”

रग्बी के अलावा, मोरेनो अपने मुश्किल शेड्यूल को भी संभालते हैं, जिसमें मेडिकल की पढ़ाई और मॉडलिंग असाइनमेंट दोनों शामिल हैं। स्पेन के इस खिलाड़ी का मानना ​​है कि इन अलग-अलग कामों को संभालने से जिंदगी और खेल, दोनों के प्रति उनका नजरिया बेहतर हुआ है।

उन्होंने कहा, “इसने मुझे सबसे बड़ी बात यह सिखाई है कि चीजों को एक-एक करके किया जाए; एक साथ सब कुछ करने या हर चीज के बारे में एक साथ सोचने से घबराहट हो सकती है। इसे रग्बी के मैदान पर भी लागू किया जा सकता है, जहां कभी-कभी किसी रणनीति को छोटे हिस्सों में बांटने या किसी समस्या को अलग से देखने से खेल का पासा तेजी से पलटा जा सकता है। अहम बात यह है कि चीजों को धैर्य के साथ किया जाए और अपने लक्ष्य से कभी न भटका जाए।”

मोरोना ने सीजन 1 में हैदराबाद हीरोज की कप्तानी की थी। वह इस प्रतियोगिता के सबसे कामयाब खिलाड़ियों में से एक हैं। स्पेन के इस खिलाड़ी को 2023 में टूलूज में हुई वर्ल्ड रग्बी सेवन्स सीरीज में 14 बेहतरीन रग्बी सेवन्स खिलाड़ियों में शामिल किया गया था। उन्होंने उसी साल यूरोपियन गेम्स में स्पेन का प्रतिनिधित्व किया और मई 2025 में 2024-25 सेवंस ड्रीम टीम ऑफ द ईयर में चुने गए।

हालांकि, मोरेनो का मानना ​​है कि रग्बी में हमेशा सुधार के मौके मिलते रहते हैं। उन्होंने कहा, “रग्बी के मैदान पर हर दिन कुछ नया सीखने और विनम्र बने रहने का अनुभव होता है। बतौर खिलाड़ी खेल के कई ऐसे पहलू होते हैं, जिनमें हम लगातार सुधार करने की कोशिश करते हैं। नए खिलाड़ियों के आने से रग्बी का खेल बहुत तेजी से बदलता रहता है, इसलिए सीखते रहना और आगे बढ़ते रहना बहुत जरूरी है।”

अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों को एक साथ लाना फ्रेंचाइजी रग्बी में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। मोरेनो का मानना है कि एक सफल टीम का माहौल बनाने में हालात के हिसाब से ढलने की क्षमता और खुले विचारों का होना बहुत जरूरी है।

उन्होंने समझाया, “जब आप इतने अलग-अलग तरह के खिलाड़ियों के साथ खेलते हैं, तो खुले विचारों का होना और हर खिलाड़ी के खेलने के अलग-अलग तरीकों को समझना हमेशा जरूरी होता है। बात सिर्फ मेरे या स्पेनिश खिलाड़ियों के खेलने के तरीके की नहीं है, क्योंकि टीम में ज्यादातर खिलाड़ी दूसरी जगहों से हैं। एक लीडर के तौर पर मेरे लिए सबसे जरूरी बात यह समझना भी है कि स्पेनिश टीम में मेरे खेलने के तरीके की क्या संभावनाएं हैं और मैं कैसे खेल सकता हूं, साथ ही खिलाड़ियों के इंटरनेशनल ग्रुप में खुद से और टीम से बेस्ट परफॉर्मेंस कैसे निकलवा सकता हूं।”