पथानामथिट्टा, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर के पास भारतीय तटरक्षक के हेलीकॉप्टर की कम ऊंचाई में उड़ान के मामले में जांच तेज हो गई है। एडीजीपी एस. श्रीजीत की रिपोर्ट में कहा गया है कि तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टर द्वारा बिना अनुमति के सबरीमाला सन्निधानम मंदिर के ठीक ऊपर उड़ान भरना एक गंभीर गलती थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मौसम की खराबी के कारण कम ऊंचाई पर उड़ान भरने का बहाना संतोषजनक नहीं है और यह एक खतरनाक कृत्य है। रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि हेलीकॉप्टर मंदिर से 5 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचा था। यह भी संदेह है कि हेलीकॉप्टर में सवार लोगों ने तस्वीरें लीं। एडीजीपी ने रिपोर्ट सबरीमाला विशेष आयुक्त को सौंप दी है।
विशेष आयुक्त इस रिपोर्ट को उच्च न्यायालय को भेजेंगे। इस मामले में वायु यातायात नियंत्रक से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। पथानामथिट्टा एसपी को विस्तृत जांच का जिम्मा सौंपा गया है। पंपा पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है। पायलट के खिलाफ उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में इस तरह से हेलीकॉप्टर उड़ाने का मामला दर्ज किया गया है, जिससे जन सुरक्षा प्रभावित हुई। यह मामला सन्निधानम में सुरक्षा प्रभारी पुलिस अधिकारी की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।
पम्पा पुलिस ने केरल पुलिस अधिनियम की धारा 118 के तहत मामला दर्ज किया है, जिसके तहत 10,000 रुपए का जुर्माना और 3 साल तक की कैद का प्रावधान है। हेलीकॉप्टर एक ध्वज स्तंभ और इमारतों के ऊपर खतरनाक तरीके से उड़ रहा था।
सबरीमाला के विशेष आयुक्त ने उच्च न्यायालय को सूचित किया कि हेलीकॉप्टर उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र के ऊपर से गुजरा था। तटरक्षक बल के कोच्चि कार्यालय ने बताया कि बादल भरे मौसम के कारण वह दिशा भटक गया था और कम ऊंचाई पर उड़ रहा था।

