नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र में राज्यसभा के सुचारू संचालन को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके कुछ सहयोगी दल भले ही सदन से वॉकआउट कर रहे हों या बाहर नारे लगा रहे हों, लेकिन राज्यसभा में बिलों पर विस्तार से चर्चा के बाद उन्हें पास किया जा रहा है।
किरेन रिजिजू ने कहा, “राज्यसभा ठीक से काम कर रही है और बिलों को विस्तार से चर्चा के बाद पास किया जा रहा है। कांग्रेस और उसके एक-दो सहयोगी दल भले ही सदन से बाहर जा रहे हों या हंगामा कर रहे हों, लेकिन बिल पास हो रहे हैं और सदस्य बहसों में हिस्सा ले रहे हैं। कई सांसदों ने अपनी राय रखी है। वॉकआउट से नुकसान खुद कांग्रेस का हो रहा है, खासकर उसके कुछ नए चुने गए सांसदों को, क्योंकि उन्हें बोलने का मौका नहीं मिल रहा है।”
मंत्री ने गृह मंत्री और प्रधानमंत्री की संसद में उपस्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “गृह मंत्री और प्रधानमंत्री सुबह से शाम तक संसद में रहते हैं। विपक्ष ही सदन को चलने नहीं दे रहा है। वे बाहर नारे लगा रहे हैं, जो सही नहीं है। सदन अपना काम कर रहा है, बिल पास हो रहे हैं और बिल पास होने से पहले राज्यसभा में सार्थक चर्चा हो रही है।”
रिजिजू ने कहा कि सरकार संवाद के लिए तैयार है। उन्होंने राहुल गांधी से हुई बातचीत का भी उल्लेख किया। रिजिजू ने कहा, “राहुल गांधी के साथ मेरी अच्छी बातचीत हुई। हमने एक खास मामले पर अनुरोध किया और दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा की। हम कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों के साथ लगातार बातचीत और तालमेल के साथ काम करना चाहते हैं। हम भले ही राजनीतिक विरोधी हों, लेकिन दुश्मन नहीं हैं। इसलिए हमें देशहित में मिलकर काम करना चाहिए। हालांकि बाहर ऐसी छवि बनती है कि वे संसद को बिल्कुल भी नहीं चलने देना चाहते, लेकिन आखिर इससे नुकसान किसका होता है?”
उन्होंने विपक्ष के नारेबाजी वाले आचरण की आलोचना करते हुए कहा कि देश आगे बढ़ रहा है, लेकिन विपक्ष हर दिन वही नारे दोहरा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री सुबह से शाम तक संसद में मौजूद रहते हैं। विपक्ष के सदस्य खुद ही सदन को चलने नहीं देते। इसके बजाय वे बाहर नारे लगाते हैं। यह सही नहीं है। राज्यसभा में कांग्रेस और कुछ सहयोगियों के वॉकआउट करने के बावजूद पूरी चर्चा के बाद बिल पास किए जा रहे हैं। कई सांसद चर्चाओं में हिस्सा ले रहे हैं और अपनी राय रख रहे हैं।”
छात्रों के मुद्दे और पेपर लीक पर भी मंत्री ने सरकार के कदमों का बचाव किया। उन्होंने कहा, “छात्रों के मामले में प्रधानमंत्री ने इतना क्रांतिकारी फैसला लिया है और परीक्षा के पेपर लीक होने की समस्या को हल करने के लिए बहुत कुछ किया है। फिर भी ये लोग सुबह एक ही मुद्दे पर ड्रामा करते हैं और भगवान राम का अपमान करने जैसा व्यवहार करते हैं। ऐसा व्यवहार करना और लगातार नारे लगाना ठीक नहीं है।”

