Tuesday, July 14, 2026
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‘सहयोग’ कार्यक्रम के तहत विभिन्न जिलों की जन-शिकायतों की सुनवाई की जाएगी: सीएम सम्राट चौधरी

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पटना, 13 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि मंगलवार को ‘सहयोग’ कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न जिलों से प्राप्त चयनित जन-शिकायतों की सुनवाई की जाएगी।

सीएम सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि राज्य स्तरीय ‘सहयोग’ कार्यक्रम के अंतर्गत 14 जुलाई को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में विभिन्न जिलों से प्राप्त चयनित जन-शिकायतों की सुनवाई की जाएगी।

उन्होंने आगे लिखा कि ‘सहयोग’ बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण जन-केंद्रित पहल है, जिसके माध्यम से जिला स्तर पर शिकायतों के निवारण से असंतुष्ट नागरिकों को राज्य स्तर पर अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की निर्धारित मानकों के आधार पर निष्पक्ष एवं पारदर्शी समीक्षा के उपरांत चयनित मामलों की सुनवाई प्रत्येक माह के द्वितीय मंगलवार को किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है कि प्रत्येक नागरिक की शिकायत को गंभीरता से सुना जाए तथा उसका न्यायसंगत, प्रभावी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। ‘सहयोग’ कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच प्रत्यक्ष संवाद, जनविश्वास एवं सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का जिक्र करते हुए सीएम चौधरी ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि बांकीपुर की जागरूक जनता विकास, सुशासन और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एनडीए के पक्ष में प्रचंड जनादेश देगी तथा नीरज कुमार सिन्हा को भारी मतों से विजयी बनाएगी।

बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि सोमवार को पटना जिले के राजस्व कार्यों की प्रगति एवं प्रशासनिक व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान विभिन्न अंचलों में संचालित राजस्व सेवाओं, लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निष्पादन, आमजन की शिकायतों के प्रभावी समाधान तथा विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं जनोन्मुखी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। समीक्षा के क्रम में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रत्येक राजस्व सेवा का लाभ निर्धारित समय-सीमा में आम नागरिकों तक पहुंचे तथा भूमि एवं राजस्व से जुड़े मामलों के निष्पादन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता हो।