Tuesday, June 9, 2026
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संविधान को जीवन में अपनाने से ही बनेगा विकसित भारत: सीएम नायब सिंह सैनी

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चंडीगढ़, 8 जून (आईएएनएस)। हरियाणा विधानसभा में सोमवार को राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) इंडिया रीजन के जोन-2 के दौरान संविधान, लोकतंत्र और ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को लेकर व्यापक चर्चा हुई। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चन्द कटारिया, हरियाणा के राज्यपाल आशिम कुमार घोष और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित कई गणमान्य नेता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक पहलू एक नाट्य प्रस्तुति रही, जिसमें भारत के संविधान निर्माण की यात्रा को जीवंत रूप में दर्शाया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि जिस प्रकार संविधान सभा के सदस्यों और संविधान निर्माण की पूरी प्रक्रिया को नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, वह अत्यंत प्रभावशाली और भावनात्मक था। उन्होंने कहा कि संविधान हमें अधिकारों के साथ-साथ यह भी सिखाता है कि हमें अपने जीवन में किस प्रकार आगे बढ़ना चाहिए।

सैनी ने कहा कि यह प्रस्तुति केवल एक नाटक नहीं बल्कि एक प्रेरणा थी, जो यह संदेश देती है कि यदि नागरिक संविधान को अपने जीवन में अपनाएं, तो भारत निश्चित रूप से विकसित राष्ट्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि संविधान ने देश के हर नागरिक को सुरक्षा, अधिकार और समान अवसर दिए हैं, और यह समझना आवश्यक है कि संविधान की भावना को जीवन में उतारना ही राष्ट्र निर्माण का मार्ग है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस प्रकार की प्रस्तुतियां बच्चों और युवाओं को अवश्य दिखाई जानी चाहिए, ताकि उनमें राष्ट्र निर्माण की भावना और संविधान के प्रति सम्मान बढ़े।

उन्होंने आगे कहा कि संविधान निर्माताओं ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक ढांचे में ढाला। ऐसे में यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उस विरासत को समझें और आगे बढ़ाएं। सैनी ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना भी इसी संविधान की नींव पर आधारित है और इसे साकार करने में नागरिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इसी कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि भारत का लोकतंत्र 75 वर्षों के बाद भी सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है और इसका सबसे बड़ा आधार देश का संविधान है। उन्होंने कहा कि संविधान ने नागरिकों को अधिकार और कर्तव्य दोनों प्रदान किए हैं, और आज की यह प्रस्तुति संविधान की आत्मा को समझाने का एक सशक्त माध्यम बनी।

कटारिया ने कहा कि यदि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है, तो जनता को संविधान की भावना को समझकर उसके अनुरूप अपने जीवन को ढालना होगा। उन्होंने कहा कि देश की जनता ही लोकतंत्र की असली शक्ति है, और जब नागरिक अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे, तभी देश सही दिशा में आगे बढ़ेगा।

हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर अशिम कुमार घोष ने नाट्य प्रस्तुति को अनूठा प्रयास बताते हुए कहा कि यह प्रस्तुति शक्ति, संविधान और राष्ट्र निर्माण की आकांक्षाओं को प्रभावशाली ढंग से दर्शाती है। उन्होंने कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा है, जो देश को एकता और दिशा प्रदान करता है।

उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत एक मजबूत, मानवीय और आर्थिक रूप से समृद्ध राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक संकल्प है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत एक ऐसा देश बनेगा जो न केवल आंतरिक रूप से मजबूत होगा बल्कि जरूरत पड़ने पर अपने पड़ोसी देशों की भी सहायता करेगा।