Sunday, June 28, 2026
SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय सनातन के खिलाफ टिप्पणी पर भड़की वीएचपी, उदयनिधि स्टालिन के बयान का...

सनातन के खिलाफ टिप्पणी पर भड़की वीएचपी, उदयनिधि स्टालिन के बयान का किया विरोध

0
27

नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने तमिलनाडु विधानसभा में उदयनिधि स्टालिन द्वारा कथित तौर पर दिए गए सनातन विरोधी बयान की कड़ी निंदा की। वीएचपी ने मांग की है कि इस टिप्पणी को विधानसभा की कार्यवाही से तुरंत हटाया जाए।

वीएचपी के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार के बयान का हवाला देते हुए कहा कि उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी अन्य धर्म के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी की जा सकती है।

आलोक कुमार ने कहा कि सनातन और हिंदू आस्थाओं का बार-बार अपमान करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता द्वारा दिए गए ऐसे बयान को तुरंत विधानसभा की कार्यवाही से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि जो परिवार और राजनीतिक दल प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सनातन परंपराओं, मंदिरों और हिंदू समाज से लाभ लेते हैं, वहीं सनातन को खत्म करने की बात कर रहे हैं।

वीएचपी नेता ने कहा कि तमिलनाडु सरकार को राज्य के प्रसिद्ध मंदिरों और सनातन परंपरा से जुड़े धार्मिक संस्थानों से बड़ा राजस्व प्राप्त होता है। इसके बावजूद सनातन विरोधी मानसिकता दिखाना उसी व्यवस्था को कमजोर करने जैसा है, जिससे उन्हें लाभ मिलता है।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी सरकार सनातन परंपरा और हिंदू आस्था के सम्मान के पक्ष में है या फिर ऐसे विभाजनकारी और हिंदू विरोधी बयानों का समर्थन करती है।

वीएचपी ने मांग की कि इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी को तुरंत विधानसभा रिकॉर्ड से हटाया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

सुरेंद्र जैन ने कहा कि सनातन हिंदू धर्म केवल तमिलनाडु ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक आत्मा है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि सनातन को मिटाने की कोशिश करने वाली कई विचारधाराएं खत्म हो गईं, लेकिन सनातन आज भी अपनी आस्था, शक्ति और व्यापकता के साथ समाज का मार्गदर्शन कर रहा है और आगे भी करता रहेगा।