संतुलित वैश्विक स्वास्थ्य विकास को बढ़ावा देना आवश्यक: 79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा में चीन के प्रतिनिधि

0
4

बीजिंग, 20 मई (आईएएनएस)। वैश्विक स्वास्थ्य शासन प्रणाली के सुधार में सदस्य देशों के नेतृत्व का पालन करना, विकासशील देशों की आवाजों और जरूरतों पर ध्यान देना और संतुलित वैश्विक स्वास्थ्य विकास को बढ़ावा देना आवश्यक है।

चीनी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख, चीनी राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के निदेशक लेई हाइछ्याओ ने 19 मई को आयोजित 79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा की आम बहस में भाषण देते हुए यह बात कही।

लेई हाइछ्याओ ने कहा कि राजनीतिक एजेंडे में स्वास्थ्य की प्राथमिकता बढ़ाएं, स्वास्थ्य को सभी नीतियों में एकीकृत करें और इसे प्राथमिकता दें, तथा अवधारणाओं, योजना, निवेश, संसाधन गारंटी और प्रदर्शन परिणामों के संदर्भ में विविध योजना के माध्यम से इसे बढ़ावा दें।

चीन स्वास्थ्य विकास को प्राथमिकता देने की रणनीति को लागू करना जारी रखे हुए है, अपने लोगों के स्वास्थ्य स्तर में लगातार सुधार कर रहा है और 2030 तक 80 वर्ष की औसत जीवन प्रत्याशा के साथ एक स्वस्थ चीन के निर्माण में निर्णायक प्रगति करने का प्रयास कर रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य विकास में निवेश बढ़ाना जारी रखें। विकसित देशों को अपनी प्रतिबद्धताओं और दायित्वों को पूरा करना होगा। पिछले 60 वर्षों में, चीन ने विदेशों में 31 हजार चिकित्सा कर्मी भेजे हैं, जिन्होंने 30 करोड़ रोगियों का इलाज किया है। चीन ने मलेरिया के इलाज के लिए आर्टेमिसिनिन का आविष्कार भी किया है, जिससे वैश्विक स्वास्थ्य समानता और पहुंच को बढ़ावा देने में ‘चीनी योगदान’ दिया गया है। चीन बहुपक्षवाद और वैश्विक स्वास्थ्य प्रशासन में विश्व स्वास्थ्य संगठन की केंद्रीय भूमिका और समन्वयकारी कार्य का दृढ़तापूर्वक समर्थन करता है। चीन विभिन्न पक्षों के साथ मिलकर अधिक न्यायसंगत, तर्कसंगत और कुशल वैश्विक स्वास्थ्य प्रशासन को बढ़ावा देगा।

लेई हाइछ्याओ ने कहा कि विश्व में केवल एक ही चीन है। थाईवान चीन का अभिन्न अंग है। यह बात संयुक्त राष्ट्र महासभा के 2,758 प्रस्ताव और विश्व स्वास्थ्य सभा के 25.1 प्रस्ताव द्वारा लंबे समय से स्थापित है। थाईवान को विश्व स्वास्थ्य सभा में भाग लेने की अनुमति न देने का चीन का निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लिया गया था और इसे अधिकांश सदस्य देशों और स्वयं विश्व स्वास्थ्य सभा का समर्थन प्राप्त था। थाईवान के संबंध में कुछेक देशों द्वारा दिए गए बयान अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हैं। चीन इन देशों से आग्रह करता है कि वे चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करें और न्यायप्रिय लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना बंद करें।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)