Sunday, June 7, 2026
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संवैधानिक संस्थाओं को निष्क्रिय करने की साजिश रच रही हेमंत सरकार: प्रतुल शाहदेव

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रांची, 10 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड प्रदेश इकाई के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को जानबूझकर पंगु बनाने का गंभीर आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत लोकायुक्त, सूचना आयोग, महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं को निष्क्रिय रखे हुए है। झारखंड हाईकोर्ट की ओर से बार-बार फटकार के बावजूद इन संस्थाओं में नियुक्तियों को लेकर सरकार का टालमटोल वाला रवैया लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

प्रतुल शाहदेव ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन संस्थाओं के नाम पर कार्यालयों, भवनों और कर्मचारियों के वेतन पर जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं, लेकिन प्रमुख पदों के रिक्त होने के कारण जनता को इनका कोई लाभ नहीं मिल रहा है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब सरकार इन संस्थाओं को चलाना ही नहीं चाहती तो दिखावे के लिए इन पर खर्च क्यों किया जा रहा है? भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकार को पारदर्शिता और जवाबदेही से डर लगता है, इसीलिए वह जानबूझकर नियुक्तियां नहीं कर रही है।

उन्होंने कहा कि लोकायुक्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाता है और सूचना आयोग पारदर्शिता सुनिश्चित करता है, जो शायद इस सरकार की प्राथमिकताओं में नहीं है। वहीं, महिला एवं बाल आयोग जैसे संवेदनशील संस्थानों का निष्क्रिय होना समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। प्रतुल शाहदेव ने मांग की है कि सरकार हाईकोर्ट के निर्देशों का सम्मान करते हुए तुरंत इन रिक्त पदों को भरे।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द नियुक्तियां नहीं की गईं तो यह साफ हो जाएगा कि भ्रष्टाचार और जवाबदेही से बचने के लिए सरकार ने इन संवैधानिक ढांचों को जानबूझकर ठप कर रखा है। भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी ताकि सरकार की इस ‘असंवेदनशीलता’ का खुलासा हो सके।