बलिया, 19 जून (आईएएनएस)। सुभासपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर द्वारा समाजवादी पार्टी के 20-25 सांसदों के टूटकर भाजपा में शामिल होने के दावे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सलेमपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद रामाशंकर राजभर ने ओम प्रकाश राजभर पर तीखा हमला बोला और उनके दावों को पूरी तरह निराधार बताया।
रामा शंकर राजभर ने आईएएनएस से कहा कि देश ओपी राजभर के दावों की सच्चाई पहले ही देख चुका है।
उन्होंने कहा, “इन्होंने दावा किया था कि योगी आदित्यनाथ भीख मांगेंगे, क्या वह सच हुआ? उन्होंने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से बड़ा झूठा कोई नहीं है, क्या उसका कोई परिणाम निकला? उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी की वजह से समाजवादी पार्टी चुनाव जीती, जबकि हकीकत यह है कि वे खुद समाजवादी पार्टी के सहारे जीते थे।”
सपा सांसद ने कहा कि ओम प्रकाश राजभर अपनी पार्टी तक को संभाल नहीं पाए। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी के पांच में से तीन विधायक पहले ही उनका साथ छोड़ चुके हैं और दो अन्य भी जल्द अलग हो सकते हैं।
उन्होंने कहा, “जो व्यक्ति अपनी पार्टी नहीं बचा पाया, वह समाजवादी पार्टी पर सवाल उठा रहा है। समाजवादी पार्टी कोई टूटने वाली पार्टी नहीं है।”
रामाशंकर राजभर ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर कोई बड़ी राजनीतिक टूट होने वाली है तो वह भाजपा में होगी। उन्होंने दावा किया कि आचार संहिता लागू होने दीजिए, भाजपा के कई सांसद और विधायक समाजवादी पार्टी में शामिल होंगे।
सपा सांसद ने कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की सरकार बनने जा रही है और समाजवादी पार्टी पूरी मजबूती के साथ सत्ता में वापसी करेगी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ओपी राजभर भाजपा के इशारे पर काम करते हैं और उनके बयानों का कोई राजनीतिक महत्व नहीं है। वहीं, मानसून सत्र में केंद्र सरकार द्वारा संविधान संशोधन विधेयक लाए जाने की चर्चाओं पर भी रामा शंकर राजभर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक के बहाने अपने मुताबिक परिसीमन लागू करना चाहती है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा सांसदों को दबाव में लेने, खरीदने और जांच एजेंसियों का डर दिखाने की राजनीति कर रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट कहा कि विपक्ष ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगा।

