जयपुर, 30 मई (आईएएनएस)। भारतीय सेना की एक महत्वपूर्ण ऑपरेशनल कमांड सप्त शक्ति के सेना कमांडर ने हाल ही में डीओटी डिवीजन का दौरा कर वहां की परिचालन तैयारियों और सैन्य क्षमताओं का विस्तृत निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने सैनिकों द्वारा किए जा रहे प्रशिक्षण, आधुनिक युद्ध संबंधी तैयारियों और विभिन्न सैन्य गतिविधियों का जायजा लिया। सेना कमांडर ने अधिकारियों और जवानों से बातचीत कर उनकी कार्यप्रणाली, चुनौतियों और उपलब्धियों के बारे में जानकारी भी प्राप्त की।
सेना कमांडर ने उन सैनिकों से भी मुलाकात की, जिन्होंने देश में विकसित स्वदेशी तकनीकों और नवाचारों का प्रदर्शन किया। इन नवाचारों का उद्देश्य सेना की युद्धक क्षमता को मजबूत बनाना और विभिन्न अभियानों की प्रभावशीलता को बढ़ाना है। सैनिकों ने अपने द्वारा विकसित कई उपयोगी और आधुनिक उपकरणों तथा तकनीकी समाधानों की जानकारी दी, जिन्हें सेना की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
इस अवसर पर सेना कमांडर ने एक अत्याधुनिक ड्रोन-रोधी प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन भी किया। यह केंद्र आधुनिक समय में बढ़ते ड्रोन खतरों से निपटने के लिए सैनिकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इसके माध्यम से जवानों को ड्रोन की पहचान, निगरानी और उन्हें निष्क्रिय करने की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल को भारतीय सेना की आधुनिक युद्ध संबंधी तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सेना कमांडर के मुताबिक बदलते सुरक्षा परिदृश्य में नई तकनीकों और आधुनिक प्रणालियों का उपयोग बेहद आवश्यक हो गया है। उन्होंने सैनिकों द्वारा दिखाए गए समर्पण, अनुशासन और नवाचार की भावना की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सेना लगातार आत्मनिर्भरता और तकनीकी उन्नयन की दिशा में आगे बढ़ रही है।
दौरे के अंत में सेना कमांडर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और जवानों को सम्मानित भी किया। उन्होंने सभी सैनिकों को भविष्य में भी इसी उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। सेना कमांडर ने विश्वास जताया कि भारतीय सेना के जवान अपनी पेशेवर दक्षता, आधुनिक सोच और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर देश की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाएंगे।

