लखनऊ, 23 सितंबर (आईएएनएस)। जहां कभी सरकारी स्कूलों को लेकर सुविधाओं और संसाधनों की कमी की चर्चा होती थी, वहीं उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के कार्यकाल में इन्हीं विद्यालयों को आधुनिक शिक्षण के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है।
वर्ष 2017-18 में महज 225 कंपोजिट विद्यालयों से शुरू हुई यह व्यवस्था वर्ष 2025-26 में बढ़कर 24,605 विद्यालयों तक पहुंच चुकी है। अब इन विद्यालयों में बालवाटिका से कक्षा 8 तक एक ही परिसर में निःशुल्क शिक्षा के साथ आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास, डिजिटल पुस्तकालय और खेलकूद जैसी सुविधाओं को विस्तार दिया जा रहा है। विद्यालयों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ते हुए बच्चों के शैक्षिक और समग्र विकास के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
यू-डायस के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में वर्ष 2017-18 में जहां मात्र 225 कंपोजिट विद्यालय थे, वहीं वर्ष 2025-26 में इनकी संख्या बढ़कर 24,605 हो गई। इस प्रकार इस अवधि में कंपोजिट विद्यालयों की संख्या में 24,380 की वृद्धि दर्ज की गई है। योगी सरकार की पहल के अंतर्गत कंपोजिट विद्यालयों में विद्यार्थियों को बालवाटिका से कक्षा आठ तक एक ही परिसर में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे बच्चों को एक ही विद्यालय में आगे की कक्षाओं की पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिल रहा है। साथ ही प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर की शैक्षिक व्यवस्थाओं को एकीकृत कर संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया जा रहा है।
कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास और खेल सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान दिया जा रहा है। इन सुविधाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षण के साथ आधुनिक तकनीक और गतिविधि आधारित शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा, छात्र-शिक्षक अनुपात के अनुरूप बेहतर शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर है।
बता दें कि कंपोजिट विद्यालयों के विकास का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक ही परिसर में निरंतर शिक्षा, बेहतर शैक्षिक संसाधन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार में सरकारी विद्यालयों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। कंपोजिट विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और खेल सुविधाओं के विस्तार के साथ बच्चों के शैक्षिक एवं समग्र विकास पर जोर है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि प्रदेश में स्कूली शिक्षा को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से 150 मॉडल कंपोजिट विद्यालयों को विकसित किया जा रहा है। करीब 30 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले इन विद्यालयों में बालवाटिका से कक्षा 12 तक एक ही परिसर में शिक्षा की सुविधा होगी।
स्मार्ट कक्षाओं, डिजिटल पुस्तकालय, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाओं, वाई-फाई, मिनी स्टेडियम, बड़े खेल मैदान, शिक्षकों के आवास और सीसीटीवी जैसी सुविधाओं से युक्त ये विद्यालय बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराएंगे। हमारा प्रयास है कि इन विद्यालयों को विद्यार्थियों के शैक्षिक, तकनीकी, शारीरिक और समग्र विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।
