अयोध्या, 10 अगस्त (आईएएनएस)। पवित्र सावन मास के दूसरे सोमवार को अयोध्या एक बार फिर शिवमय हो गई। सुबह से ही शहर के सभी शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। सरयू नदी में पवित्र डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु ने बाबा नागेश्वर नाथ मंदिर में जलाभिषेक कर भगवान शिव का आशीर्वाद ले रहे हैं।
संत कल्कि राम ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, “आज पवित्र सावन महीने का दूसरा सोमवार है। यह हमारा श्री नागेश्वर नाथ मंदिर है। मंदिर के कपाट सुबह 4 बजे ब्रह्म मुहूर्त में खुले थे। तब से अभी तक लाखों भक्त अनुशासन बनाए रखते हुए और ‘बम बम महादेव’ व ‘हर हर महादेव’ का जयघोष करते हुए भगवान शिव को जल अर्पित कर रहे हैं। कहा जाता है कि जो भी श्री नागेश्वर नाथ मंदिर आकर जल अर्पित करता है उसे धर्म नगरी आने का पूर्ण फल प्राप्त होता है। “
संत कबीर नगर से आए एक भक्त ने कहा, “हम नागेश्वर नाथ मंदिर में भगवान शंकर को पवित्र जल चढ़ाने आए हैं। आज सावन का दूसरा सोमवार है। हमें यहां बहुत अच्छा लगा और सरकार व प्रशासन द्वारा किए गए इंतजाम बेहतरीन हैं।”
सावन सोमवार के कारण सरयू नदी के घाटों पर भी भक्तों और कांवड़ियों की भारी भीड़ जमा हुई। श्रद्धालुओं ने नदी में पवित्र स्नान कर अपने साथ लाया हुआ जल शिवलिंग पर चढ़ाया। जल स्तर बढ़ने के कारण घाटों पर बैरिकेडिंग की गई थी।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। जल पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों को सरयू घाटों पर तैनात किया गया। मंदिर परिसर और शहर के प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की गई।
एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया, “सावन मास का दूसरा सोमवार होने की वजह से पुलिस की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भक्तों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए भारी वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया है। शहर को सेक्टर और जोन में बांटकर पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।”
अयोध्या के राम पथ पर भी बड़ी संख्या में कांवड़िए नजर आए। भगवा वस्त्र, गले में रुद्राक्ष और हाथों में कांवड़ लिए श्रद्धालु “बम बम भोले” के जयकारे लगाते हुए मंदिरों की ओर बढ़ रहे थे। प्रशासन ने कांवड़ियों के लिए अलग से मार्ग और विश्राम स्थल बनाए हैं।
नागेश्वर नाथ मंदिर के अलावा शहर के अन्य शिवालयों में भी सुबह से लंबी कतारें लगी हैं। पुलिस और मंदिर समिति के स्वयंसेवक व्यवस्था बनाए रखने में मदद कर रहे हैं।

