बीजिंग, 31 मई (आईएएनएस)। 23वें शांगरी-ला संवाद में भाग ले रहे चीनी जन मुक्ति सेना के विशेषज्ञ प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मंग श्यांगछिंग ने शनिवार को कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इस समय अनेक सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है।
सभी देशों को युद्धोत्तर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को कमजोर करने वाले किसी भी प्रयास के प्रति सतर्क रहना चाहिए। उनके अनुसार, चीन द्वारा प्रस्तुत वैश्विक सुरक्षा पहल और वैश्विक शासन पहल विश्व के लिए चीनी अनुभव, दृष्टिकोण और समाधान प्रदान करती हैं।
एक समानांतर सत्र को संबोधित करते हुए मंग श्यांगछिंग ने कहा कि दुनिया इस समय कई गंभीर संकटों से जूझ रही है। इनमें महाशक्तियों की वर्चस्ववादी नीति, परमाणु संघर्ष का बढ़ता जोखिम, परमाणु अप्रसार व्यवस्था का क्षरण और वैश्विक शासन प्रणाली में बढ़ती अव्यवस्था शामिल हैं। उन्होंने कहा कि चीन की वैश्विक सुरक्षा पहल साझा, व्यापक, सहयोगात्मक और सतत सुरक्षा की अवधारणा पर आधारित है।
मंग ने बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय सैन्य न्यायाधिकरण (टोक्यो ट्रिब्यूनल) की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस न्यायाधिकरण ने जापानी सैन्यवाद के अपराधों को उजागर किया था और युद्धोत्तर अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ ताकतें युद्ध अपराधों को छिपाने और इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा, “मुझे गंभीर संदेह है कि जिस देश ने सैन्यवाद के विषैले प्रभावों को पूरी तरह समाप्त नहीं किया है, क्या वह अंतर्राष्ट्रीय मंच पर रक्षा सहयोग की बात करने का नैतिक अधिकार रखता है?”
उन्होंने सभी देशों से समावेशी भागीदारी को बढ़ावा देने और एक निष्पक्ष तथा प्रभावी वैश्विक सुरक्षा शासन प्रणाली के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने शस्त्र नियंत्रण, परमाणु अप्रसार और उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े जोखिमों के प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि चीन ने संयुक्त राष्ट्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के सैन्य उपयोग से संबंधित सिद्धांतों पर आधारित एक दस्तावेज भी प्रस्तुत किया है।
गौरतलब है कि 23वां शांगरी-ला संवाद शुक्रवार शाम सिंगापुर में शुरू हुआ। इस सम्मेलन में 40 से अधिक देशों के 550 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। चीनी विशेषज्ञ प्रतिनिधिमंडल भी आमंत्रण पर इस कार्यक्रम में शामिल हुआ है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

