मुंबई, 9 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले, एनसीपी सांसदों और एकनाथ शिंदे गुट के कुछ सांसदों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रस्तावित मुलाकात को लेकर सियासी अटकलों पर एनसीपी (एसपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात का एनडीए में शामिल होने से कोई लेना-देना नहीं है।
नसीम सिद्दीकी ने आईएएनएस से कहा, “इन दावों में कोई सच्चाई नहीं है। सुप्रिया सुले की बेटी रेवती की हाल ही में शादी हुई थी और मुंबई में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कई लोग जिनमें सांसद, प्रधानमंत्री और अन्य वीआईपी उसमें शामिल नहीं हो पाए थे। इसलिए, पवार साहब ने दिल्ली में एक रिसेप्शन आयोजित करने का फैसला किया। चूंकि संसद का सत्र 13 तारीख तक चल रहा है इसलिए इसे 10 तारीख को रखा गया है ताकि देशभर के सांसद इसमें शामिल हो सकें। यह एक शिष्टाचार मुलाकात है, इसलिए कृपया इसे केवल एक शिष्टाचार मुलाकात के तौर पर ही देखें। शरद पवार एक सेक्युलर नेता हैं। हम लोग भाजपा नीत एनडीए सरकार में नहीं जा रहे हैं और न ही जाएंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “राजनीति में मतभेद होते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होते हैं। हमें राज्य और देश की तरक्की करना है तो मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से मिलना होगा। सरकार से चर्चा करनी होगी और योजना लाना होगा। बाकी लोग मिलते हैं, तो चर्चा नहीं होती है, लेकिन अगर शरद पवार एक बार भी मिलते हैं, तो चर्चा गर्म हो जाती है कि हम भाजपा के साथ जा रहे हैं। हमें जाना होता तो 2014 और 2019 में जाते।”
फंड की कमी के सवाल पर नसीम सिद्दीकी ने कहा, “जब अजित पवार राज्य के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री थे, तो कुछ लोगों को विशेष तौर पर फंड मिलता था। सत्तापक्ष में ही बैठे कुछ लोगों को फंड नहीं मिलता था। हमें अपने इलाके की तरक्की करना है, तो कहीं न कहीं विशेष पैकेज की आवश्यकता होती है। अगर प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री और गृहमंत्री का उसमें दखल नहीं होगा, तो लोगों के लिए मदद मांगने के लिए सरकार के पास कई बार जाना होगा, तो हम जाएंगे, क्योंकि जनता सर्वोपरि है।”
उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के बयान पर भी नाराजगी जताई। सपकाल ने हाल ही में सुमित्रा पवार को ‘गूंगी गुड़िया’ कहा था। इस पर नसीम सिद्दीकी ने कहा, “कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सुमित्रा पवार को जो गूंगी गुड़िया कहा है, उसकी मैंने पहले भी निंदा की है। एक महिला की राजनीति में आप इस तरह से मजाक उड़ाएंगे तो वो ठीक नहीं है। कई ऐसे नेता रहें, जो ज्यादा नहीं बोलते थे, लेकिन उन्होंने दुनिया के सामने अच्छा नेतृत्व करके दिखाया।”

