Saturday, May 30, 2026
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शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, सर्विस और प्रमोशन के लिए टीईटी पास होना जरूरी

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नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस)। देश भर के लाखों सरकारी शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने अहम फैसले में यह साफ किया है कि अब शिक्षकों को अपनी सर्विस में बने रहने या प्रमोशन पाने के लिए टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्‍ट (टीईटी) पास करना जरूरी होगा।

कोर्ट ने साफ किया कि वर्ष 2009 से पहले जो भी उम्मीदवार सरकारी शिक्षक के रूप में नियुक्त हुए थे, उनके लिए टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसी के साथ कोर्ट ने हजारों शिक्षकों द्वारा दायर टीईटी में छूट देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।

इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने देश के सरकारी शिक्षकों से अपील की कि वे केवल अपनी नौकरी बचाने तक सीमित न रहें। बेंच ने कहा कि शिक्षकों को अपनी नौकरी और भविष्य के अलावा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर भी ध्यान देना चाहिए।

कोर्ट ने सितंबर 2025 में दिए फैसले में कहा था कि शिक्षकों को अपनी सर्विस में बने रहने या प्रमोशन पाने के लिए टीईटी पास करना होगा। इस फैसले पर पुर्नविचार की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 65 याचिकाएं दायर की गई थीं। याचिकाकर्ताओं में कई राज्य सरकार के शिक्षकों के संगठन शामिल थे।

हालांकि, कोर्ट ने देशभर के लाखों सेवारत शिक्षकों को थोड़ी राहत देते हुए टीईटी परीक्षा पास करने की समय सीमा को आगे बढ़ा दिया है। पहले टीईटी पास करने की डेडलाइन 31 अगस्त 2027 थी, जिसे अब 31 अगस्त 2028 कर दिया गया है। ऐसे में यह फैसला अब उन शिक्षकों के लिए एक राहत भरी खबर है, जिन्होंने अभी तक टीईटी परीक्षा पास नहीं की है। अब उन्हें एक साल का अतिरिक्त समय मिल गया है, जिसके अंदर उन्हें टीईटी क्वालिफाई करना होगा।

बता दें कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से टीईटी को देशभर में सरकारी शिक्षकों के लिए अनिवार्य किया है।