नई दिल्ली, 6 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने उनके राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय एकता, अखंड भारत के संकल्प और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को याद करते हुए उन्हें देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “पूर्व केंद्रीय मंत्री, प्रख्यात शिक्षाविद्, दूरदर्शी चिंतक और प्रखर राष्ट्रवादी नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर भावपूर्ण नमन। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रसेवा और राष्ट्रीय एकता के प्रति अटूट समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। जहां एक शिक्षाविद् के रूप में उन्होंने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया, वहीं एक जननेता के रूप में राष्ट्रीय हितों और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी स्पष्ट प्रतिबद्धता का परिचय दिया।”
ओम बिरला ने आगे लिखा, “श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक सशक्त, समरस और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को अपने विचारों और कर्मों से निरंतर बल प्रदान किया। राष्ट्र की एकता, अखंडता और जनकल्याण के प्रति उनका समर्पण आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।”
श्यामा प्रसाद मुखर्जी को नमन करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपने विचारों और कर्म में हमेशा ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम’ की भावना को सर्वोपरि रखा। दृढ़ संकल्प, निर्भीकता, संवेदनशीलता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण उनके व्यक्तित्व की विशिष्ट पहचान थी। भारतीय जनसंघ के संस्थापक और भारतीय जनता पार्टी के वैचारिक अग्रदूत के रूप में उन्होंने राष्ट्रवाद की उस विचारधारा को सशक्त आधार प्रदान किया, जिसने भारत की राजनीति को नई दिशा दी।”
उन्होंने लिखा, “सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रसेवा के प्रति श्यामा प्रसाद मुखर्जी का अटूट समर्पण आज भी करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके आदर्श, विचार और राष्ट्रनिष्ठ जीवनदर्शन आने वाली पीढ़ियों का सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे।”
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लिखा, “प्रखर राष्ट्रभक्ति, त्याग और समर्पण के प्रतीक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन भारत की एकता और अखंडता के लिए समर्पित रहा। ऐसे महान राष्ट्र नायक की 125वीं जन्म जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।”
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को मां भारती का अमर सपूत, भारत की एकता व अखंडता के लिए अपने प्राण उत्सर्ग करने वाला प्रखर राष्ट्रवादी नेता व विचारक बताया। उन्होंने मुखर्जी को नमन करते हुए कहा, “भारत की संप्रभुता और एकता के लिए उनका अतुलनीय संघर्ष व त्याग अविस्मरणीय है। डॉ. मुखर्जी जी का राष्ट्र प्रथम का विचार, अखंड भारत के प्रति उनका अटूट संकल्प और संगठन आधारित जनसेवा का संदेश आज भी हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।”
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने लिखा, “श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए भारतीय राजनीति को वैचारिक दिशा दी और शिक्षा, औद्योगिक विकास व जनकल्याण के माध्यम से आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की नींव को मजबूत किया। राष्ट्र की अखंडता के लिए उनका अद्वितीय संघर्ष और सर्वोच्च बलिदान सदैव हम सभी को राष्ट्रसेवा के पथ पर प्रेरित करता रहेगा।”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान, नहीं चलेंगे’ का उद्घोष कर डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता व अखंडता के संकल्प को नई संजीवनी दी और अपना बलिदान देकर संपूर्ण राष्ट्र को जागृत किया। ‘अखंड भारत’ के प्रति उनका समर्पण हम सभी को नई प्रेरणा, नई ऊर्जा और नई शक्ति से भर देता है।”
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, “राष्ट्रीय एकात्मता के अग्रदूत, भारत की सांस्कृतिक चेतना एवं राष्ट्रीय स्वाभिमान के अमर संवाहक, महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर कोटिशः नमन। आपका प्रेरणादायी जीवन, राष्ट्रनिष्ठ विचार और अखंड भारत के प्रति आपका अडिग संकल्प सदैव देशवासियों का पथ आलोकित करता रहेगा।”
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए पोस्ट किया, “श्रद्धेय डॉ. मुखर्जी का जीवन अडिग राष्ट्रप्रेम का प्रतीक था। नेहरू मंत्रिमंडल से त्यागपत्र देकर उन्होंने भारतीय राजनीति को सशक्त वैचारिक विकल्प दिया। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना उनके जीवन का मूल मंत्र था। विभाजन के समय पश्चिम बंगाल को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने का उनका संघर्ष और राष्ट्र की एकता व अखंडता की रक्षा के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके विचार और राष्ट्र प्रथम का संकल्प हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।”
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लिखा, “राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक चेतना के संरक्षण के लिए उनका अद्वितीय योगदान और सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।”
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को नमन करते हुए कहा, “भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए उनका जीवन समर्पण और बलिदान का अनुपम उदाहरण है। उनके आदर्श विकसित, आत्मनिर्भर और गौरवशाली भारत के निर्माण में हमारा पथप्रदर्शन करते रहेंगे।”

