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एसआईआर पर राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर बोले तपस रॉय, प्रधानमंत्री से लड़ने की हैसियत नहीं

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कोलकाता, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। एसआईआर और वोट चोरी के आरोपों को लेकर राहुल गांधी और इंडी गठबंधन के विरोध प्रदर्शन पर पश्चिम बंगाल की सियासत गरमा गई है। राज्य के सार्वजनिक उद्यम और औद्योगिक पुनर्निर्माण मंत्री तपस रॉय ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पूरे भारत में उन पर कोई भरोसा नहीं करता और पीएम मोदी से लड़ने की उनकी कोई हैसियत नहीं है। वहीं, भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा है।

भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पब्लिक सर्विस में 25 साल पूरे होने के मौके पर 7 अक्टूबर को पूरे देश में ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकालने का ऐलान किया। इसके तहत पश्चिम बंगाल में जिला स्तर पर मार्च निकाले जाएंगे और कोलकाता में 25 साल की यात्रा दिखाई जाएगी।

‘सेवा ज्योति यात्रा’ को लेकर पश्चिम बंगाल के सार्वजनिक उद्यम और औद्योगिक पुनर्निर्माण मंत्री तपस रॉय ने कहा, “ये बहुत ही सुंदर है। 17 सितंबर को हमारे प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से शुरू हुआ कार्यक्रम देश भर और यह पश्चिम बंगाल में भी चल रहा है और बुधवार को भी होगा। बुधवार को पीएम मोदी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर 25 साल पूरा कर रहे हैं। पूरे पश्चिम बंगाल में और भारतवर्ष में कार्यक्रम हो रहे हैं। सभी जुटे हैं।”

हुमायूं कबीर को डिटेन किए जाने को लेकर तपस रॉय ने कहा कि ये तो अच्छा हुआ। इसे पहले डिटेन किया जाना चाहिए था, ये बहुत उकसा रहे थे। जिस तरह से पुलिस और मुख्यमंत्री को लेकर ये बातें कर रहे थे, ये कोई राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं कर सकता है और करना भी नहीं चाहिए।

राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कहा कि उन लोगों पर देशवासी भरोसा नहीं करते हैं। पीएम मोदी के साथ लड़ने के लिए उनकी हैसियत नहीं है। अभिषेक बनर्जी को तो किसी भी दिन गिरफ्तार कर लेना चाहिए। पश्चिम बंगाल को तबाह करके चले गए।

इसके अलावा, भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने कहा कि अगर 50 बार नंदीग्राम में चुनाव होगा तो कांग्रेस हारेगी। उनका जनसंपर्क खत्म हो गई और जनता से उनका नाता टूट गया है। इसलिए, उनके पास करने के लिए बस एक ही काम बचा है। जो पढ़ाई नहीं करता है, वो परीक्षा देखकर भागता है, इसलिए कांग्रेस पढ़ाई नहीं करती है और अब जब परीक्षा आ गया तो भागने के लिए सबसे अच्छा मार्ग चुना है।

राहुल सिन्हा ने कहा कि जनता के वोट से चुनाव हुआ। जनता के वोट का नतीजा 9 अक्टूबर को सामने आएगा। जो भी जनता का फैसला होगा, वो हमें स्वीकार होगा। वहीं, राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी के प्रोटेस्ट मार्च को लेकर उन्होंने कहा कि जिसके पास शक्ति और क्षमता नहीं है, उसे कौन पूछता है? राहुल गांधी की वजह से कांग्रेस नीचे जा रही है, इसलिए कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस, दोनों गिरने वाली पार्टी एकसाथ आए।