नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट द्वारा वोटर लिस्ट की विशेष गहन समीक्षा (एसआईआर) को वैध ठहराए जाने के फैसले के बाद भाजपा ने विपक्ष पर हमला तेज कर दिया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि इस फैसले ने राहुल गांधी, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव समेत विपक्षी नेताओं का चेहरा बेनकाब कर दिया है।
गिरिराज सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि एसआईआर के नाम पर बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़े गए थे। लालू यादव हों, तेजस्वी यादव, राहुल गांधी या ममता बनर्जी, सभी अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहे थे। एसआईआर के नाम पर जनता में भ्रम फैला रहे थे। अब सबकी असलियत सामने आ गई है। चुनाव आयोग ने संवैधानिक तरीके से एसआईआर किया था और सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले से दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है।
केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि देश के 140 करोड़ नागरिक एसआईआर का समर्थन करते हैं।
उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य वोटर लिस्ट को अपडेट करना है, जिसमें मृत व्यक्तियों और जिन्होंने जगह बदल ली है, उनके नाम हटाए जाते हैं। अब कोई घुसपैठी वोटर नहीं बन सकता। एसआईआर के जरिए उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जिनके बारे में आरोप है कि वे दूसरे देशों से आकर यहां बस गए हैं। तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा और दूसरी पार्टियों के नेता अब इस तरह की राजनीति जारी नहीं रख पाएंगे।
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है और चुनाव आयोग के अभियान को सही ठहराया है। मृत व्यक्तियों को वोटर लिस्ट में रखना विपक्ष का काम था। विपक्ष ने जिस तरह नफरत का माहौल बनाया, उसकी सजा जनता ने चुनाव में दी है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि एसआईआर के नाम पर भ्रम फैलाने वालों पर भी न्यायिक कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि बिहार चुनाव से लेकर बंगाल चुनाव तक विपक्ष ने एसआईआर के नाम पर भ्रम फैलाया और वोट कटने का डर दिखाया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ने कई याचिकाएं दायर कीं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि एसआईआर पूरी तरह वैध प्रक्रिया है और वोटर लिस्ट सुधारना चुनाव आयोग का अधिकार है।
भाजपा सांसद ने कहा कि एसआईआर के मुद्दे पर पूरे देश में भ्रम फैलाने के लिए विपक्ष को अब शर्मसार होना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।

