नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के झूठे प्रोपेगेंडा की पोल एक बार फिर खुल गई है। दरअसल, पाकिस्तानी सोशल मीडिया द्वारा फैलाए जा रहे एक फर्जी वीडियो को लेकर सरकार ने अलर्ट जारी किया है। पाकिस्तान से जुड़े ये सोशल मीडिया अकाउंट्स प्रचार कर रहे थे कि भारतीय नौसेना ने कहा कि पाकिस्तान ने भारतीय विमानों और वायुसेना ठिकानों को निशाना बनाया था। पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी वाइस एडमिरल एएन प्रमोद का एक कथित वीडियो साझा किया जा रहा है।
इस वीडियो में यह झूठा दावा किया गया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान ने भारतीय विमानों और वायुसेना ठिकानों को निशाना बनाया था। सरकार की फैक्ट चेक यूनिट ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तानी सोशल मीडिया द्वारा जारी किया जा रहा यह वीडियो पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से तैयार किया गया है। जांच में इसे एक ‘डीपफेक वीडियो’ पाया गया है। इस झूठ का उद्देश्य जनता को गुमराह करना तथा गलत सूचना फैलाना है।
फैक्ट चेक यूनिट के अनुसार, वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। वायरल वीडियो में उनके चेहरे और आवाज के साथ छेड़छाड़ कर जाली वीडियो तैयार किया गया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे ऐसे भ्रामक वीडियो पर भरोसा न करें और बिना सत्यापन के उन्हें आगे साझा न करें। सरकार ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी वीडियो और ऑडियो तैयार किए जा रहे हैं, जिनका मकसद देश में भ्रम और अविश्वास फैलाना होता है। ऐसे मामलों में केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा किया जाना चाहिए।
फैक्ट चेक यूनिट ने यह भी बताया कि संबंधित वीडियो का असली और बिना संपादन वाला संस्करण उपलब्ध है। अलसी वीडियो में कहीं भी ऐसा कोई दावा नहीं किया गया है। लोगों से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी संदिग्ध सामग्री की तुरंत शिकायत करें, ताकि उस पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। यदि किसी को सोशल मीडिया पर इस प्रकार की भ्रामक या संदिग्ध सामग्री दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत सरकार की फैक्ट चेक यूनिट को दी जा सकती है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 8799711259 और ईमेल भी जारी किया गया है।
बता दें कि असली वीडियो में भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल एएन प्रमोद स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि बीते वर्ष 6-7 मई की रात नौसेना के जवानों ने भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादी ढांचों पर प्रिसीजन स्ट्राइक में भाग लिया। इस स्ट्राइक ने तीनों सेनाओं के संयुक्त अभियान की भावना को और मजबूत किया। जैसे-जैसे अभियान आगे बढ़ा, भारतीय नौसेना की अग्रिम तैनाती ने पाकिस्तान की नौसैनिक और वायु इकाइयों को रक्षात्मक स्थिति में जाने के लिए मजबूर कर दिया। वे मुख्यत बंदरगाहों तक सीमित रहीं या अपने तट के निकट ही संचालित होती रहीं।
उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना ने अत्यंत तेजी से युद्धक तैयारी की स्थिति प्राप्त की। स्वदेशी अग्रिम पंक्ति के शक्तिशाली युद्धपोतों, पनडुब्बियों, विमानों और विशेष बलों से युक्त कैरियर बैटल ग्रुप तथा सरफेस एक्शन ग्रुप को उत्तरी अरब सागर में आक्रामक मुद्रा में तैनात किया गया।
वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व के रणनीतिक विजन को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया। सटीक और बिना किसी अस्पष्टता के निर्देश दिए गए तथा आवश्यक ऑपरेशनल स्वतंत्रता प्रदान की। इसी के परिणामस्वरूप भारतीय रक्षा बल निर्णायक सैन्य कार्रवाई करने में सक्षम हुए।

