नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की आर्थिक वृद्धि, महिलाओं की भागीदारी, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के विकास की गति को बनाए रखने की जरूरत के बारे में बात की।
प्रधानंत्री ने कहा,”आज हम सभी के लिए एक ऐतिहासिक पल है। 80 साल बाद स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ गाया गया। हम 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में काम करेंगे। यह 140 करोड़ से ज़्यादा देशवासियों की सामूहिक आवाज है।”
उन्होंने कहा,” इंटरनेट यूजर्स और कंज्यूमर्स की संख्या में 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। डिजिटल ट्रांजेक्शन 100 फीसदी बढ़े हैं। हमने हर साल सीधे पानी की सप्लाई और गैस कनेक्शन दिए हैं। हमने पिछले दशक में ये उपलब्धियां हासिल की हैं। इससे पता चलता है कि हम अपने देश को ‘विकसित भारत’ बनाने की राह पर हैं।”
पीएम मोदी ने कहा, “2014 से पहले मतलब आज से 12 साल पहले हमारे देश में सिर्फ 70 शहरों में पाइप से गैस डिस्ट्रीब्यूशन की व्यवस्था थी। 12 साल में इन 70 शहरों को हमने 700 शहरों तक पहुंचा दिया है। यह होती है रफ्तार, यह होता है विस्तार। 2014 के पहले मुश्किल से 20-22 लाख घरों में पाइप से गैस पहुंचती थी। आज पौने दो करोड़ घरों में पाइप से गैस पहुंचाने का काम हो रहा है।”
12 वर्ष पहले देश में सोलर एनर्जी की कैपेसिटी सिर्फ 2 गीगावॉट थी। आज हमने 160 गीगावॉट का लक्ष्य प्राप्त किया है। उन्होंने कहा, रेलवे का इलेक्ट्रिफिकेशन का काम हमारे देश में 1925 में शुरू हुआ था, लेकिन 90 साल में यह काम सिर्फ 30 प्रतिशत हुआ था। हमने एक दशक के अंदर यह काम शत प्रतिशत पूरा कर दिया। 90 साल में 30 प्रतिशत और 10 साल में 70 प्रतिशत, यह होता है काम और इसके कारण डीजल, जो हमें बाहर से लाना पड़ता है, उसकी बचत हुई। बिजली से हमारी ट्रेनें चली, पर्यावरण को फायदा होने लगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारे 40 से ज्यादा देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हैं। भारत के सीफूड (समुद्री भोजन) में आगे बढ़ने की काफी संभावना है।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2047 के लक्ष्यों को पाने के लिए अगले स्तर के सुधारों की जरूरत है। सुधार के सात लक्ष्य (सप्तधारा)- मैन्युफैक्चरिंग पावर, कृषि और फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन इकोनॉमी व ब्लू इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर तय किए गए हैं।
उन्होंने कहा, “भारत का बैंकिंग सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। दुनिया के टॉप पांच बैंकों में एक भारतीय बैंक जरूर होना चाहिए। भारतीय कंपनियों को दुनिया की टॉप 5 फार्मा कंपनियों में शामिल होने की कोशिश करनी चाहिए। सुधार जबरदस्ती से नहीं, बल्कि पक्के इरादे से लाए जाने चाहिए। ‘विकसित भारत’ का सबसे ज़्यादा फायदा हमारे युवाओं को होगा। 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक का इनोवेशन फंड मंजूर किया गया है। युवाओं को डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, खेलो इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी योजनाओं से सीधा फायदा मिला है।”
प्रधानमंत्री ने कहा,” खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन करीब 5 गुना हुआ। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग करीब 7 गुना बढ़ा। आधुनिक रेलवे कोच का निर्माण करीब 21 गुना बढ़ा। मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ा। डिजिटल और इनोवेशन की दुनिया में भी हमने अपना परचम लहराया। नक्सलवाद और माओवाद ने हमारे देश के कुछ हिस्सों को बर्बाद कर दिया और संविधान की भावना को भी नुकसान पहुंचाया। हमने भारत को नक्सल-मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। हमें नक्सली सोच वाले लोगों की पहचान करके उन्हें अलग-थलग करना होगा।”
पीएम मोदी ने कहा, ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ राजनीतिक बदले की भावना का शिकार हो गया। मैं सभी राजनीतिक पार्टियों से अपील करता हूं कि वे महिला कोटा बिल का समर्थन करें।”

