लखनऊ, 24 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दारा सिंह चौहान ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर कहा कि केंद्र सरकार इस प्रकरण को पूरी गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा छात्रों और युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है तथा उनकी सरकार शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए लगातार कठोर निर्णय लेती रही है।
दारा सिंह चौहान ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीएम बनने के बाद से ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह बात लगातार कहते रहे हैं कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और यहां युवाओं तथा छात्रों की सबसे बड़ी आबादी है।
उन्होंने कहा कि इसी सोच के अनुरूप प्रधानमंत्री ने हमेशा युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बड़े और सख्त फैसले लिए हैं। चौहान ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में भी सरकार त्वरित कार्रवाई कर रही है। पीएम मोदी ने कहा है कि नीट मामले के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किया जाएगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल समाप्त किए जाने का स्वागत करते हुए दारा सिंह चौहान ने कहा कि यह इस बात का संकेत है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में युवाओं और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए दारा सिंह चौहान ने इसे विपक्ष की निराशा और हताशा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार विपक्षी दलों से संसद के भीतर आकर देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने की अपील करते रहे हैं। संसद में बहस करने के बजाय प्रधानमंत्री आवास का घेराव करना विपक्ष की राजनीतिक रणनीति को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष यह अच्छी तरह जानता है कि प्रधानमंत्री हमेशा छात्रों और नौजवानों के हित में निर्णय लेते रहे हैं, इसलिए इस तरह के विरोध प्रदर्शन केवल उनकी राजनीतिक हताशा को प्रदर्शित करते हैं।
दारा सिंह चौहान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक अपना अनशन समाप्त कर चुके हैं, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी छात्रों द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक मामले में आवश्यक कदम उठा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

