नई दिल्ली, 24 जुलाई (आईएएनएस)। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल खत्म करने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सीजेपी प्रवक्ता अशुतोष रांका ने कहा कि वे लगातार सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील कर रहे थे, क्योंकि उनकी तबीयत लगातार खराब हो रही थी। हालांकि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक यह प्रदर्शन चलता रहेगा।
अशुतोष रांका ने कहा कि 27 दिनों तक चले अनशन के बाद सोनम वांगचुक ने आंदोलन को खत्म करने का फैसला लिया है। उन्होंने सरकार से बातचीत के दौरान आंदोलन से जुड़ी कुछ मांगों को मनवाने में सफलता हासिल की है जो बहुत खुशी की बात है। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से रखी गई शर्तों में से दो प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है। इनमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं करना और प्रभावित लोगों को पर्याप्त मुआवजा देना शामिल है। उन्होंने कहा कि मुआवजे और अन्य फैसलों से जुड़ा लिखित विवरण अभी आना बाकी है।
रांका ने कहा कि सोनम वांगचुक ने भले ही अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है, लेकिन आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने साफ किया कि जंतर-मंतर पर चल रहा धरना जारी रहेगा। शुरुआत से ही इस आंदोलन की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की रही है और जब तक यह मांग पूरी नहीं होती, तब तक प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटेंगे। छात्रों और आंदोलनकारियों के मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा और सरकार से जवाबदेही की मांग की जाती रहेगी।
इस बीच अशुतोष रांका ने बताया कि शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे सीसीआई में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि जानकारी के अनुसार इस बैठक में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के भी शामिल होने की संभावना है। बैठक में जो भी चर्चा होगी, उसकी जानकारी बाद में लोगों के साथ साझा की जाएगी।

